चंदौसी। बैंकों को रविवार के दिन खोलने के फैसले के खिलाफ सोमवार को चंदौसी की कई शाखाओं के कर्मचारी काली पोशाक पहनकर विरोध में दिखे। उन्होंने काली पोशाक को असहमति और आक्रोश का प्रतीक बताया और अपने विरोध का शांतिपूर्ण रूप से प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों का कहना है कि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के दो सौ वर्षों के इतिहास में यह पहला मौका है जब रविवार को नियमित कार्यदिवस के रूप में शाखाएँ खुलने का फैसला लिया गया है। इस निर्णय से कर्मचारियों के साप्ताहिक अवकाश और कार्य‑जीवन संतुलन पर नकारात्मक असर पड़ेगा, इसलिए वे इससे नाराज हैं।
मांगें और रोष
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की प्रमुख मांगों में बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से यह मांग लंबित है और रविवार खोलने के इस कदम ने उनके अधिकारों पर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले में न्याय चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कई नामी कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज की गई। सूची में शिवानी अग्रवाल, गिरींद्र अग्रवाल, देवेंद्र कुमार, अभिषेक यादव, राहुल सक्सेना, विपिन कुमार, अमित कुमार, अजित यादव, दिनेश पाल, नीरज गुप्ता, नेहा, मेघा, श्वेता, योग्यता, रजत, राशि, अनुभूति गोपाल, राकेश और धनेश्वर शामिल थे।
स्थानीय शाखाओं में काम करने वाले कर्मचारी कहते हैं कि रविवार पर खोलने से पारिवारिक जिम्मेदारियों और निजी समय में कमी आएगी। कई कर्मचारियों ने बताया कि वे पहले से ही कार्यभार और तनाव महसूस कर रहे हैं और यह कदम स्थिति और बिगाड़ देगा।
आगे क्या होगा
कर्मचारी यूनियन इस मुद्दे को लेकर आगे भी संघर्ष जारी रखने की बात कर रही है। उन्होंने उच्च अधिकारियों और संबंधित मंत्रालय से बातचीत की मांग कही है और कहा है कि जब तक संतोषजनक समाधान नहीं मिलता, वे अपनी मांगें उठाते रहेंगे।
स्रोत: अमर उजाला

