चंदौसी। परिषदीय स्कूलों में शिक्षक संकुल की मासिक बैठकें अब हर महीने के तीसरे मंगलवार को आयोजित की जाएंगी। शासन ने इस व्यवस्था के लिए विस्तृत दिशा‑निर्देश जारी कर दिए हैं।
इन बैठकों का उद्देश्य बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार करना, पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराना और उपस्थिति बढ़ाना बताया गया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी के निर्देशानुसार ये बैठकें विद्यालय समयावधि में होनी हैं और यदि तीसरे मंगलवार को अवकाश होगा तो बैठक अगले कार्यदिवस में आयोजित की जाएगी।
बैठक का समय और अवधि
शासन ने बैठक के समय को दो अवधि में बाँटा है ताकि शैक्षिक गतिविधियों पर कम असर पड़े। एक अप्रैल से 30 सितंबर तक बैठक का समय दोपहर 12 बजे से दो बजे तक रहेगा। जबकि एक अक्तूबर से 31 मार्च तक बैठक का समय दोपहर एक बजे से तीन बजे तक निर्धारित किया गया है।
- 1 अप्रैल, 30 सितंबर: 12:00 से 14:00
- 1 अक्तूबर, 31 मार्च: 13:00 से 15:00
- तीसरे मंगलवार, अवकाश पर अगले कार्यदिवस
बैठकों में बच्चों के सीखने के स्तर की आंकड़ों के आधार पर समीक्षा की जाएगी और उसी आधार पर सुधार के लक्ष्य तय किए जाएंगे। शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार पाठ्यक्रम पूरा कराने की स्थिति भी इन बैठकों में जांची जाएगी ताकि पाठ्यक्रम विलंब न हो।
बैठकों में कैच‑अप शिक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान कर उनका लक्ष्य तय किया जाएगा। बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति बनाई जाएगी और गृहकार्य व अभ्यास पर भी ध्यान दिया जाएगा। अभिभावकों से संपर्क कर उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर रहेगा।
प्रशासन और अगला कदम
निर्देशों के अनुसार डायट प्राचार्य, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक, बीएसए, बीईओ सहित अन्य अधिकारी हर माह कम से कम एक बैठक में शामिल होंगे। खंड शिक्षा अधिकारी मुंशी लाल पटेल ने बताया कि इन बैठकों से निपुण लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।
अगले महीने से यह नया शेड्यूल लागू कर दिया जाएगा और जिला स्तर पर स्कूलों को निर्देश भेजे जा रहे हैं। अभिभावकों और शिक्षकों से सहयोग की अपील की गई है ताकि बच्चों के शिक्षण मानक में सुधार हो सके।
स्रोत: अमर उजाला

