संभल। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के दौर में ईवीएम/वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच के समय तकनीकी भिन्नता सामने आई है। जिला निर्वाचन अधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि स्कैनिंग में कुछ मशीनों में असमानता पाई गई।
जांच में यह साफ हुआ कि मशीन की स्क्रीन पर वेयरहाउस का स्थान संभल के बजाय बेंगलूरू दिख रहा था। वहीं मशीन से निकली पर्ची/स्लिप पर दर्ज नंबर और लिखित वेयरहाउस शहजादी सराय संभल दिखाई दे रहा था। इस नंबर और प्रिंटेड स्लिप के नंबरों में अंतर पाया गया।
जांच और कारण
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के अधिकृत इंजीनियरों ने वीवीपैट मशीन के पीछे लगे मेटल शीट पर अंकित नंबर का लाइव स्टेट्स बेंगलूरू प्राप्त होने की बात बताई। इंजीनियरों ने मशीन की स्कैनिंग के बाद उसे फेल्ड घोषित कर रिजेक्ट कर अलग कर दिया।
प्रशासन ने कहा कि भिन्नता के कारणें का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की गई और जो मशीनें अनियमित पाईं गईं उन्हें आगे के उपयोग से बाहर रखा गया है। जिला प्रशासन और निर्वाचनीय अधिकारी जांच प्रक्रिया पर निगरानी कर रहे हैं।
असमोली विधानसभा क्षेत्र से विधायक पिंकी सिंह यादव ने भी इस मामले पर सवाल उठाए थे। प्रशासन ने विधायक को जानकारी देते हुए बताया कि संबंधित वीवीपैट मशीन को जांच के बाद रिजेक्ट कर अलग कर दिया गया है।
निरीक्षण की अपील और अगली कार्रवाई
जिला निर्वाचन अधिकारी अंकित खंडेलवाल ने विधायक को कहा है कि यदि इस प्रक्रिया से जुड़ी और कोई शंका हो तो वे शहजादी सराय संभल स्थित एफएलसी हॉल में जाकर मशीनों का निरीक्षण कर सकती हैं। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन ने आगे कहा कि निरीक्षण के बाद तकनीकी कारण निकलने पर आवश्यक सुधार और मानक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। मशीनों को रिपेयर या बदलने के बाद ही पुनः जांच के लिए रखा जाएगा।
स्रोत: अमर उजाला

