संत कबीर नगर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ब्रिटिश नागरिकता छिपाकर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से मदरसा शिक्षक के रूप में वेतन और अन्य लाभ लेने के आरोपित शमशुल हुदा खान की 53.46 लाख रुपये की समतुल्य संपत्ति जब्त की है। कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम के तहत की गई है।
ईडी ने बताया कि जब्त संपत्ति संतकबीरनगर के खलीलाबाद में शमशुल के नाम पंजीकृत 180 वर्ग मीटर का भूखंड है। एजेंसी ने फरवरी में उसके ठिकानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज और साक्ष्य जुटाए थे। यह मामला यूपी एटीएस की एफआईआर पर दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ा है।
जब्ती और आरोप
ईडी के अनुसार शमशुल हुदा खान ने 19 दिसंबर 2013 को ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त की, लेकिन यह बात छिपाकर खुद को भारतीय नागरिक बताकर सरकारी दस्तावेजों का उपयोग किया। आरोप है कि उसी तरह उसने संतकबीरनगर में अचल संपत्तियां खरीदीं।
जांच में यह भी पाया गया कि वर्ष 2007 से 2017 तक उसकी सेवा का सत्यापन नहीं हुआ। 2017 में उसे नियमित पेंशन के साथ स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मिली। उसके बाद सरकारी खजाने से उसके बैंक खाते में वेतन, पेंशन और जीपीएफ के रूप में कुल 53.46 लाख रुपये जमा हुए।
ईडी ने कहा है कि ये रकम अपराध से प्राप्त आय मानी गई और चूँकि आय खर्च हो चुकी थी, इसलिए समतुल्य मूल्य की संपत्ति जब्त की गई। मामला मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत आगे की जांच के दायरे में है।
प्रशासन ने फिलहाल गिरफ्तारियों या और जब्ती की घोषणा नहीं की है। मामले की जांच जारी है और ईडी आवश्यक होने पर और कार्रवाई कर सकती है।
स्रोत: अमर उजाला

