थानाभवन (शामली)। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मसावी गांव के राजकीय इंटर कॉलेज में सोमवार को आयोजित विशाल बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद मीडिया से बातचीत में मायावती पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, “बहन जी को जो लिखकर दिया जाता है, वह वही बोलती हैं।”
आजाद ने यह भी कहा कि उन्हें अपना लिखने वाला बदल लेना चाहिए और साथ ही स्पष्ट किया कि वह मायावती का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि वह फिर से चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं और उन्हें जनता के बीच जाने में कोई संकोच नहीं है।
चुनावी आरोप-प्रत्यारोप और ईवीएम पर सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने नगीना लोकसभा चुनाव को लेकर मायावती की ओर से लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि उन्हें लगता है कि भाजपा की साजिश के तहत उन्हें चुनाव जिताया गया है तो वह प्रधानमंत्री से लोकसभा भंग करने की मांग करें। उन्होंने कहा, “वह खुद ईवीएम के खिलाफ हैं।” साथ ही आजाद ने कहा कि अगर मायावती को चुनाव में गड़बड़ी का संदेह है तो इसकी जांच कराई जानी चाहिए।
कांग्रेसी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि साढ़े नौ साल में सरकार ने सिर्फ बातें कीं, दिया कुछ नहीं। उन्होंने पेपर लीक, बेरोजगारी, अग्निवीर योजना, जर्जर स्कूलों और बदहाल सरकारी अस्पतालों का जिक्र करते हुए कहा कि युवा डिग्रियां लेकर रोजगार के लिए भटक रहे हैं और किसान, नौजवान तथा पंचायत सहायक अपनी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील
सम्मेलन में संचालन प्रभात भारती व निट्टू सिंह ने किया। आजाद ने आगामी विधानसभा चुनाव में थानाभवन सीट से सम्मेलन के आयोजक राव मौसम अली को जिताने की अपील की तथा कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत करने को कहा। जिलाध्यक्ष मास्टर प्रदीप, शौर्य आंबेडकर, राजकुमार सैनी, निट्टू सिंह, श्रीकांत, हर्ष सैनी, कुलदीप (पूर्व जिलाध्यक्ष), शिवांश और नरेश प्रधान सहित कई नेता मौजूद रहे।
आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी अब पूरे देश में फैल रही है और हर किसी का सम्मान उन्हें मिल रहा है। उन्होंने दोहराया कि वह डॉ. आंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं और चुनाव आयुक्त को खुद पर लगे आरोपों पर सफाई देनी चाहिए।
स्रोत: अमर उजाला

