आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में शुक्रवार शाम से भर्ती के लिये लाई गई एक आठ महीने गर्भवती महिला को चार घंटे तक भर्ती नहीं किया गया, जिससे वह शनिवार तड़के तीन बजे मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल की लापरवाही का आरोप लगाया है और घटना की रिपोर्ट मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी दर्ज करवाई गई है।
परिजन बताते हैं कि तांतपुर निवासी गौरव ने कहा कि उनकी साली विजय कुमारी (22 वर्ष) को घर में झगड़े के दौरान पेट में चोट लगी थी। परिवार ने महिला को शुक्रवार की शाम सात बजे इमरजेंसी में पहुंचाया था, लेकिन स्टाफ ने विभिन्न विभागों के चक्कर लगवाये और भर्ती नहीं किया।
घटनाक्रम और शिकायत
परिवार ने बताया कि मरीज को बार-बार स्त्री रोग और इमरजेंसी विभाग के बीच भेजा गया और कोई सहमति नहीं बन पाई। परिचितों ने तब मुख्यमंत्री पोर्टल और फेसबुक पेज पर मामला डाला। परिजन यह भी कहते हैं कि 112 पर कॉल करने के बाद ही महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया।
- महिला आठ महीने की गर्भवती थी।
- इसे अस्पताल में लाया गया: शुक्रवार शाम 7 बजे।
- मृत्यु का समय: शनिवार तड़के 3 बजे।
- जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है।
मृतक महिला के पति लाखन सिंह ने कहा कि उनकी पत्नी की हालत बिगड़ रही थी, मगर किसी ने सुनवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज मिल जाता तो पत्नी की जान बच सकती थी। परिवार ने अग्रिम कार्रवाई की मांग की है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि यह रात की घटना है और पुलिस भी मौके पर आई थी। उन्होंने बताया कि मरीज को भर्ती करने के मामले की उन्होंने जांच के लिये तीन सदस्यीय टीम बना दी है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
आगे की प्रक्रिया
परिवार ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवा दी है और अस्पताल प्रशासन से निष्पक्ष जांच की उम्मीद कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस और अस्पताल के कदम स्पष्ट होंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल्द से जल्द तथ्य सामने आना चाहिए ताकि जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
स्रोत: अमर उजाला

