आगरा। गांधी जयंती के दिन अखिल भारत हिंदू महासभा के लोग नाथूराम गोडसे का श्राद्ध और तर्पण करने के इरादे से यमुना किनारे पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया और हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति सार्वजनिक कार्यक्रम करने पर कार्रवाई की गई।
पुलिस ने कार्यक्रम में शामिल अज्जू चौहान (महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष) और जिलाध्यक्ष मीरा राठौर के साथ अवतार सिंह गिल, अमित कुलश्रेष्ठ, नितेश भारद्वाज समेत अन्य कार्यकर्ताओं को रोका। उनके पास तर्पण सामग्री, गोडसे का चित्र, हवन सामग्री और भंडारे का सामान था जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। इससे पहले शहर में लगाए गए गोडसे के होर्डिंग‑बैनर भी हटाए गए थे।
कदम और कार्यवाही
पुलिस ने कार्रवाई के बाद आरोपितों को शांतिभंग की धाराओं में गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। मजिस्ट्रेट ने सभी को जमानत दे दी और वे रिहा कर दिए गए। प्रशासन का रुख स्पष्ट था कि बिना अनुमति किसी भी तरह का सार्वजनिक आयोजन नहीं होने दिया जाएगा।
महासभा के संचालक शंकर श्रीवास्तव और विपिन राठौर कार्यक्रम का संचालन करने पहुंचे थे। आयोजकों और पुलिस के बीच कुछ देर तक बहस भी हुई, जिसके बाद स्थिति शांत कर सामने वालों को हिरासत में लिया गया।
अज्जू चौहान और मीरा राठौर ने कार्रवाई पर नाराजगी जताई और उन्होंने बताया कि वे शनिवार सुबह 11 बजे जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देंगे। उन्होंने साथ में भगवा दुपट्टा देकर हिंदू संगठन छोड़ने का एलान करने की बात भी कही।
स्थानीय प्रभाव और आगे क्या होगा
घटना के बाद यमुना किनारे कुछ घंटों के लिए आवागमन पर असर पड़ा और आसपास के लोगों में हलचल रही। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार के बिना अनुमति आयोजनों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। लोग सामान्य रूप से अपने कामों पर वापस लौट गए और जिन सामग्रियों को जब्त किया गया है, उनके संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
स्रोत: अमर उजाला

