आगरा। ग्रीन गैस बिल अपडेट के नाम पर मिले व्हाट्सएप मैसेज के बाद शहर में एक और साइबर ठगी का मामला दर्ज हुआ। कमला नगर यमुनोत्री कॉलोनी के कारोबारी योगेश कुमार अग्रवाल को भेजे गए संदेश में उन्हें फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा गया और फिर खाते से 6 लाख रुपये निकाल लिए गए।
पीड़ित ने बताया कि 21 सितंबर को उनके व्हाट्सएप पर ग्रीन गैस के नाम से एक अनजान नंबर से संदेश आया। संदेश में बिल अपडेट कराने के लिए दो मोबाइल नंबर भी दिए गए थे। जालसाज ने बातचीत के दौरान उनके मोबाइल पर एपीके फाइल भेजी और वह फाइल डाउनलोड करा ली।
कॉल फॉरवर्डिंग कर लिया दुरुपयोग
बातों में फंसाकर ठगों ने उनके मोबाइल की कॉल फॉरवर्ड करा ली। कुछ ही समय बाद आरके मिनरल्स के इंडियन बैंक, रुनकता शाखा के खाते से 6 लाख रुपये निकल गए। रकम कटने का पता चलते ही योगेश कुमार साइबर अपराध थाने पहुंचे और प्राथमिकी दर्ज कराई।
डीसीपी साइबर आदित्य सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ग्रीन गैस बिल, मीटर या कनेक्शन अपडेट के नाम पर आए किसी भी अनजान लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें और किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में रिमोट एक्सेस एप न डालें।
पिछले दिनों के मामले
पुलिस ने हाल के कुछ समान मामलों की सूची भी जारी की है जिसमें सितंबर के महीने में कई लोग निशाने पर थे। ये मामले इस बात की ओर संकेत करते हैं कि ठग बिल भुगतान और मीटर अपडेट जैसे बहाने बना रहे हैं।
- 11 सितंबर – शाहगंज: प्रभाकर को मीटर अपडेट के नाम पर एपीके डाउनलोड कराई गई, खाते से 5.37 लाख निकाले गए।
- 10 सितंबर – ताजगंज: अजय कुमार गुप्ता को सीआरएन नंबर देखने के नाम पर एपीके भेजी गई, अगले दिन खाते से 6.14 लाख निकले।
- 8 सितंबर – दयालबाग: गिरीश शर्मा को 130 रुपये के बिल का लिंक भेजा गया, लिंक खोलने पर 2.98 लाख की ठगी हुई।
- 6 सितंबर – सिकंदरा: राधा मोहन श्रीवास्तव को बिल भुगतान का मैसेज भेजा गया, एपीके से 5.96 लाख की ठगी हुई।
- 17 जुलाई – न्यू लॉयर्स कॉलोनी: अधिवक्ता राजेश कुमार परिहार को ग्रीन गैस बिल की एपीके भेजी गई, 23 सितंबर को खाते से 2.54 लाख निकले।
डीसीपी ने सलाह दी है कि बैंक खाते, डेबिट कार्ड, ओटीपी, यूपीआई पिन या सीवीवी की जानकारी किसी से साझा न करें। अगर कोई संदिग्ध लिंक खोल दिया है तो तुरंत इंटरनेट बंद कर बैंक को सूचित करें और ठगी होने पर 1930 पर कॉल कर साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराएं।
स्रोत: अमर उजाला

