आगरा। शनिवार सुबह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार की वजह से हुए हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई। हादसा फतेहाबाद थाना डौकी क्षेत्र के किलोमीटर 15.400 पर करीब सुबह 7:15 बजे हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हुंडई क्रेटा की रफ्तार लगभग 140 किलोमीटर प्रति घंटा थी। कार अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराई और फिर कई बार पलटती हुई आगे बढ़ी। डिवाइडर से लगभग 20 मीटर घिसटने के बाद कार पलटी और इसके पीछे की सीट पर बैठे तीन लोग बाहर छिटक कर करीब 60 फीट गहरी खाई में गिर गए।
दुर्घटना का भयानक मंजर
प्रत्यक्षदर्शी नगला देवहंस निवासी रमेश ने बताया कि कार बहुत तेज चल रही थी। पीछे बैठे तीनों युवकों को हवा में उठते और एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा जाली पार करते हुए नीचे पत्थरों पर गिरते देखा गया। पत्थरों पर गिरने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतकों की पहचान भूपेंद्र (32) पुत्र दलबीर सिंह, कपिल (30) पुत्र सुरेश और जयप्रकाश (29) पुत्र ओमप्रकाश खरवार के रूप में हुई है। वे दिल्ली और बलिया के बताए गए हैं। कार चालक यशवंत (25) और साथ बैठे चंद्रकांत (35) घायल हुए हैं। घायलों को सीएचसी फतेहाबाद पर प्राथमिक उपचार के बाद आगरा रिफर किया गया।
हादसे के बाद मौके पर डौकी पुलिस, यूपीडा और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची। ग्रामीणों की मदद से खाई में पड़े तीनों शव बाहर निकाले गए और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए। दुर्घटना के बाद कार एक्सप्रेस-वे पर सीधी खड़ी होने से वहां ट्रैफिक रुक गया था।
सड़क सुरक्षा और अगला कदम
सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता केसी जैन पहले भी लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बढ़ती घटनाओं को लेकर चिंता जता चुके हैं और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर उचित कदम उठाने की मांग कर चुके हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि 54.7 प्रतिशत दुर्घटनाओं का कारण चालक की थकान है और 70 प्रतिशत हादसे रात में होते हैं।
पुलिस आगे की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम व एफएसएल रिपोर्ट के बाद हादसे का पूरा कारण साफ होगा। यात्रियों से अपील है कि एक्सप्रेसवे पर निर्धारित गति का पालन करें और वाहन चालकों को विश्राम गृह जैसी सुविधाओं का उपयोग करें।
स्रोत: अमर उजाला

