आगरा। जिले में एक वकील के बैंक खाते से करीब 2,54,580 रुपये गायब होने की शिकायत दर्ज करवाई गई है। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कॉलोनी निवासी राजेश कुमार परिहार ने बताया कि 17 जुलाई को शाम 6 बजे उनके व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से ‘ग्रीन ग्रैस’ का बिल जमा करने का संदेश और एक एपीके फाइल आई। उन्होंने एपीके फाइल क्लिक कर बिल देखा और बाद में दूसरे काम में व्यस्त हो गए।
23 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे उनके मोबाइल पर बैंक के लेनदेन के संदेश आने लगे। बैंक में पूछताछ पर पता चला कि किसी ने उनका यूपीआई खाता हैक कर अन्य खातों में रुपये भेजे हैं। शातिरों ने छह बार में कुल 2,54,580 रुपये निकाल लिए।
जांच और सुरक्षा सुझाव
पीड़ित ने बैंक खाते से आगे के लेनदेन रोकवाए और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। थाना न्यू आगरा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर बैंक खातों और मोबाइल नंबर के आधार पर साइबर अपराधियों का पता लगाने की कवायद शुरू कर दी है।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और भी साक्ष्य जुटाने की योजना है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों ने ठगी के तरीके बदल दिए हैं और एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक करने के बाद कई दिन तक शिकार पर नजर रखी जाती है।
डीसीपी ने लोगों को चेतावनी दी है कि अनजान नंबर से आए लिंक, एपीके फाइल या किसी अन्य प्रकार की फाइल कभी क्लिक न करें। अगर गलती से क्लिक हो जाए तो मोबाइल को री-स्टोर कर अपडेट करें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने को सूचित करें।
स्थानीय बैंक और पुलिस की तफ्तीश से प्रभावित लोगों में चिंता है। बैंक और पुलिस के आगे के कदमों पर रखे जाएंगे नजर, जबकि प्रभावित खाताधारक को नुकसान की वसूली के लिए बैंक और साइबर जांच में सहयोग करने को कहा गया है।
स्रोत: अमर उजाला