बड़ौत। बागपत के बड़ावद गांव के विजय कुमार शर्मा ने उम्र को मात देते हुए सरकारी शिक्षक बनने का सुखद समाचार दिया। लगभग 59 वर्ष आठ माह की उम्र में वे टीजीटी संस्कृत के रूप में चयनित हुए हैं और नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों प्राप्त किया।
विजय कुमार ने यह मुकाम 27 वर्षों के संघर्ष और लगातार प्रयास के बाद हासिल किया है। उनके पास अब शिक्षक की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष होने के कारण लगभग दो साल चार माह तक सरकारी सेवा में कार्य करने का अवसर होगा।
लंबा संघर्ष और सम्मान
विजय कुमार ने कई वर्षों तक कोशिशें जारी रखीं और आखिरकार सफलता मिली। उनकी उपलब्धि पर दून पब्लिक स्कूल परिवार ने उन्हें सम्मानित किया। स्कूल की ओर से मिली इस मान्यता ने उनके संघर्ष को और सिरे से सराहा गया।
गांव और आसपास के लोगों ने उनकी सफलता पर खुशी जताई है। बुजुर्ग उम्र में नौकरी पाना कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि विजय की कहानी यह बताती है कि इरादे मजबूत हों तो देर से भी मंजिल मिल सकती है।
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अब विजय कुमार कार्यालयीन औपचारिकताएँ पूरी करेंगे और तब उन्हें अपने पद पर तैनाती मिल जाएगी। अगले कुछ दिनों में पदस्थापन से जुड़ी शेष प्रक्रियाएँ पूरी की जाएंगी।
स्थानीय विद्यालय और परिवार उनके अनुभव से मिलने वाले विद्यार्थियों को लाभ की उम्मीद कर रहे हैं। बागपत के शिक्षा क्षेत्र में इस तरह की कहानियाँ अन्य उम्मीदवारों के लिए उत्साह का कारण बन रही हैं।
स्रोत: दैनिक जागरण
