बहराइच। यहां पुलिस ने वर्दी पहन कर दुकानदारों से वसूली करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में आरोप है कि आरोपियों ने दुकानदारों को गांजा रखने या बेचने का आरोप लगा कर जेल भेजने और एनकाउंटर की धमकी दे कर रुपये माँगे।
पुलिस ने बताया कि वाहन में पीछे बैठे दोनों लोगों ने कहा कि उन्हें राजी चौराहे से असलहा दिखा कर जबरन वाहन में बैठाया गया था। दोनों को जबरन बैठाकर गांजा रखने के आरोप के बहाने वसूली की कोशिश की जा रही थी। तलाशी में वाहन और चारों आरोपियों से सामान बरामद हुआ।
बरामदगी और आरोप
तलाशी के दौरान मूले अवस्थी उर्फ अवधेश अवस्थी के पास से 51 ग्राम और उसकी निशानदेही पर 3.280 किलो गांजा मिला। वीरेंद्र उर्फ छोटू के पास से 94 ग्राम और उसकी निशानदेही पर 2.170 किलो गांजा बरामद हुआ। वाहन से भी 2.200 किलो गांजा मिला। कुल बरामदगी 7.795 किलोग्राम बताई गई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 8,270 रुपये नकद, छह एंड्रायड मोबाइल, उपनिरीक्षक की वर्दी, पी-कैप, पुलिस बैज, प्लास, रिंच और दो फर्जी नंबर प्लेट जब्त की हैं। साथ ही रेनॉल्ट ट्राइबर कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
पुलिस ने बर्खास्त सिपाही समर बहादुर सिंह को बताया कि वह वर्ष 1997 में 32वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ में भर्ती हुआ था और वर्ष 2019 में 35वीं वाहिनी लखनऊ में तैनाती के दौरान लड़ाई-झगड़े व नियम विरुद्ध आचरण के कारण जबरन सेवानिवृत्त कर दिया गया था। दूसरे आरोपी श्रीप्रकाश द्विवेदी उर्फ प्रकाश दूबे को वर्ष 2006 बैच का बर्खास्त सिपाही बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, श्रीप्रकाश द्विवेदी के खिलाफ बाराबंकी और लखनऊ में आयुध अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, अपहरण, डकैती, बरामदगी और धोखाधड़ी समेत चार मुकदमे दर्ज हैं। समर बहादुर सिंह के खिलाफ भी बाराबंकी और लखनऊ में दो मुकदमे दर्ज हैं। मूले अवस्थी और वीरेंद्र कुमार के खिलाफ भी अलग-अलग मुकदमे बताये गये हैं।
हरदी थाने में चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया गया है। स्थानीय दुकानदार और राहगीर अब बदनामी और दबाव के मामलों को लेकर पुलिस से और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

