बलिया। चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से शुक्रवार रात शुरू हुई तेज बारिश और हवाओं ने जिले में भारी तबाही मचाई। 30.5 मिमी बारिश दर्ज की गई और जोरदार हवाओं के चलते कई स्थानों पर पेड़ उखड़ कर सड़कों व बिजली तारों पर गिरे।
बिजली विभाग को सबसे बड़ी क्षति हुई। जिले भर में 115 बिजली के खंभे उखड़ गए और तीन ट्रांसफार्मरों पर पेड़ गिरने से वे क्षतिग्रस्त हो गए। इसकी वजह से बिजली निगम को 15 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। शहर व ग्रामीण इलाके मिलाकर करीब तीन लाख से ज्यादा लोग प्रभावित रहे।
बिजली और यातायात प्रभावित
शहर सहित 700 गांवों में 18 से 26 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। नरही में कैथवली उपकेंद्र से जुड़े 29 गांवों की बिजली 35 घंटे से बंद है। बसंतपुर उपकेंद्र से 40 गांवों की आपूर्ति 45 घंटे से बंद है और जयप्रकाश नगर तथा जुड़े गांवों में करीब 50 घंटे तक बिजली नहीं रही। सोनवानी उपकेंद्र से जुड़े लगभग 100 गांव तीन दिनों से बिजली के बिना हैं।
पेड़ों के गिरने से मुख्य मार्गों पर आवागमन ठप हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पचखोरा चौराहे पर एक के बाद एक दो विशाल पेड़ गिरने से आसपास की तीन दुकानें क्षतिग्रस्त हुईं। कई जगह विभाग की टीमों और स्थानीय लोगों ने मिलकर पेड़ हटाकर सड़क खोली।
कई इलाकों में पेड़ों की वजह से हाईटेंशन लाइनें और ट्रांसफार्मर तार टूटे। ढेंकवारी गांव में दो यूकेलिप्टस पेड़ 11 हजार केवीए हाईटेंशन लाइन पर गिर गए जिससे पूरा फीडर ठप हो गया। लहसनी गांव में 10 केवीए का ट्रांसफार्मर पोल भी गिरा। शहर के जीजीआईसी के सामने, परमंदापुर, जीराबस्ती और माल्देपुर सहित कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए।
विद्युत विभाग की टीमें पेड़ों को काटकर हटाने और आपूर्ति बहाल करने में जुटी हुई हैं। विद्युत उपकेंद्र के एसएसओ राजेंद्र ने बताया कि मुख्य लाइन तथा कई अन्य स्थानों पर खंभे और तार क्षतिग्रस्त हुए हैं, इसलिए बहाली में समय लग रहा है।
बिजली न होने के कारण पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां पानी का संकट गहरा गया। पाठक और प्रभावित लोग बिजली बहाल तथा पेड़ों की कटाई में तेजी की उम्मीद कर रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

