बलिया। नगर पंचायत बैरिया की चांददीयर पंचायत में जयप्रभा सेतु के पास बने कान्हा गोशाला में बरसात के बाद जलभराव से गोवंश की परेशानी बढ़ गई है। परिसर के कई हिस्सों में पानी और सीलन जमा हो गए हैं।
गोशाला में तैनात कर्मचारियों के अनुसार यहां करीब 150 गाय और बछड़े हैं। सरयू नदी के किनारे स्थित इस गोशाला का नगर पंचायत बैरिया से दूरी करीब 12 किलोमीटर बताई गई है।
परिसर की स्थिति और चारे की व्यवस्था
कर्मचारियों ने बताया कि चारा, सूखा भूसा और हरा चारा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और साफ-सफाई के लिए स्टाफ भी मौजूद है। बावजूद इसके बारिश के बाद जलभराव की वजह से पशुओं को बैठने और उठने के लिए पर्याप्त सूखी जगह नहीं मिल पा रही है।
पानी व सीलन ने कुछ पशुओं की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। गीले परिसर में बैठे-बैठे पशु कम चलने-फिरने में सक्षम होते हैं और कर्मचारियों को उनकी देखभाल के दौरान अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है।
कर्मचारियों ने प्रशासन से जल्द जलनिकासी की ठोस व्यवस्था करने की मांग की है ताकि गोवंश के लिए सुरक्षित और सूखी जगह सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि जलनिकासी न होने पर समस्या और बढ़ सकती है।
स्थानीय लोग भी गोशाला के पास पानी जमा होने और गंदगी बढ़ने को लेकर चिंतित हैं। वे प्रशासन से तुरंत बीच की कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं ताकि पशुओं की सेहत और रखरखाव प्रभावित न हो।
अब अधिकारियों के पहुंचने और जलनिकासी के इंतजाम होने तक कर्मचारी रात-दिन इसे नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले दिनों में अगर बारिश जारी रही तो स्थिति और खराब हो सकती है।
स्रोत: अमर उजाला

