बस्ती। विशेष सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट/एमपी-एमएलए कोर्ट प्रमोद कुमार गिरि की अदालत में चल रहे व्यवसायी के बेटे राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड की शनिवार की सुनवाई गवाह के अदालत में मौजूद न होने के कारण आगे नहीं बढ़ सकी। अदालत ने बाकी बचे गवाहों की गवाही के लिए 12 अक्तूबर की तारीख तय की है।
सुनवाई और गवाहों की स्थिति
मामले में अब तक राहुल की मां शारदा देवी समेत कुल 15 साक्षियों के बयान दर्ज हो चुके हैं। 18 सितंबर को शारदा देवी न्यायालय में उपस्थित हुई थीं और उनका बयान दर्ज कराया गया था। बयान दर्ज होने के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जिरह की थी।
गवाही के लिए नोटिस जारी होने के बावजूद कई गवाह अदालत में नहीं पहुंचे। उन गवाहों के खिलाफ अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए हैं ताकि अगली तिथि पर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके।
अदालत ने पहले ही अभियुक्त पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी को भगोड़ा घोषित किया हुआ है। न्यायालय के आदेश के तहत उनकी संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई भी की जा चुकी है।
मामले का बैकग्राउंड
यह अपहरण घटना छह दिसंबर 2001 की है। जानकारी के मुताबिक जयपुरवा रोडवेज तिराहे के पास सुबह करीब 7:45 बजे धर्मराज मद्धेशिया के बेटे और हाईस्कूल के छात्र राहुल मद्धेशिया का अपहरण कर लिया गया था। बाद में लखनऊ एसटीएफ ने राहुल को पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के आवास से बरामद किया था।
घटना के संबंध में राहुल के पिता धर्मराज मद्धेशिया की तहरीर पर कोतवाली बस्ती में मुकदमा दर्ज किया गया था और उसी मामले की सुनवाई अदालत में चल रही है। अगली सुनवाई में शेष गवाहों की हाजिरी से मामला आगे बढ़ेगा।
पड़ोसी और पीड़ित परिवार मामले की आगामी अदालत तारिख पर नजर रखे हुए हैं। अदालत ने जिस तारिख 12 अक्तूबर तय की है, वहां कई गवाहों की उपस्थिति आवश्यक मानी जा रही है।
स्रोत: अमर उजाला

