निचलौल। सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के निचलौल रेंज के बलहीखोर स्थित चमैनिया फाॅर्म में रविवार को अवैध मिट्टी खनन की सूचना पर वन विभाग की टीम ने छापेमारी की। टीम के पहुंचने से पहले ही खनन में लगे लोग वाहनों के साथ फरार हो गए।
वन क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार राव और उनकी टीम जब मौके पर पहुँची तो खनन स्थल खाली पड़ा मिला। वहां एक लोडर और पांच ट्रैक्टर-ट्रालियों के जाने के निशान दिखाई दिए। स्थानीय लोगों ने बताया कि खेत में लोडर व ट्रैक्टर-ट्रालियों से मिट्टी निकाली जा रही थी और इसी को लेकर वन विभाग को सूचना दी गई थी।
मौके पर मिली सूचनाएँ और निशान
जांच में स्पष्ट हुआ कि खनन स्थल तक पहुँचने वाले रास्तों पर कुछ लोग तैनात थे, जो अधिकारियों की हर गतिविधि पर नजर रख रहे थे। जैसे ही खननस्थल पर वन विभाग की टीम पहुँचने की सूचना मिली, वहां मौजूद लोग अपने वाहनों के साथ भाग गए। मौके पर गड्ढे और ट्रैक्टर्स के पहियों के निशान मिले हैं।
- बगेती वाहन: 1 लोडर
- भागे हुए वाहन: 5 ट्रैक्टर-ट्रालियां
- घटना का दिन: रविवार
वन क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार राव ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची, लेकिन खनन में लगे लोग पहले ही वाहन लेकर फरार हो गए थे। उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों की पहचान की जा रही है और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला खनन अधिकारी अजीत कुमार ने कहा कि विभाग को मिट्टी खनन की कोई पूर्व सूचना नहीं मिली थी। यदि कहीं अवैध खनन हो रहा है तो विभाग जांच कर कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
आगे की कार्रवाई
स्थानीय प्रशासन और वन विभाग अभी पहचान और सबूत एकत्रित कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सिंडिकेट की मौजूदगी से इलाके में खनन का काम नियमित रूप से किया जा रहा है। अगला कदम आरोपी लोगों की पहचान के बाद प्राथमिकी और नियमानुसार राजस्व व वन अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
स्रोत: अमर उजाला

