बस्ती। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बस्ती डिपो में तैनात नियमित चालक रमेश चंद्र त्रिपाठी को विभागीय जांच में आरोप सिद्ध होने पर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। कार्यालय आदेश सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) बस्ती डिपो की ओर से 30 सितंबर 2026 को जारी किया गया।
कार्यालय आदेश के अनुसार चालक 23 जनवरी 2025 से बिना सूचना के लगातार अनुपस्थित था। जांच में विभागीय आदेशों एवं निर्देशों की अवहेलना, मनमाने ढंग से कार्य करने और लंबे समय तक अनुपस्थित रहने से निगम के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के आरोप पाए गए।
जांच और नोटिस
मामले की जांच के लिए सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, राप्तीनगर डिपो को जांच अधिकारी नामित किया गया। जांच के दौरान चालक को कई बार नोटिस भेजे गए और उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में उसे अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया गया।
जांच अधिकारी ने 15 जून 2026 को रिपोर्ट तैयार की, जो चार जुलाई 2026 को कार्यालय में प्राप्त हुई। रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को सिद्ध माना गया और उसके बाद चालक को कारण बताओ नोटिस और अनुस्मारक भेजे गए। पंजीकृत डाक और विशेष वाहक के माध्यम से भी बचाव का अवसर दिया गया, लेकिन चालक की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
आर्थिक प्रभाव और आदेश
कार्यालय आदेश में 23 जनवरी 2025 से 31 अगस्त 2026 तक की अनुपस्थिति का उल्लेख करते हुए औसत प्रतिदिन की आय के आधार पर निगम को 62,13,885 रुपये की आर्थिक क्षति होने की बात कही गई है। आदेश में कहा गया है कि उपलब्ध अभिलेखों और विभागीय कार्रवाई के आधार पर रमेश चंद्र त्रिपाठी को सेवा से पृथक किया जा रहा है।
एआरएम कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि विभागीय कार्रवाई और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर चालक रमेश चंद्र त्रिपाठी को सेवा से पृथक करने का आदेश जारी किया गया है। अब बस्ती डिपो की प्रशासनिक टीम आगे की औपचारिकताएं पूरी करेगी।
स्रोत: अमर उजाला

