बस्ती। 3 अक्टूबर 2026 को रुधौली विधानसभा सीट में ‘सत्ता का संग्राम’ अभियान के तहत इलाके की जमीन पर जाकर लोगों से बातचीत की गई। यह सर्वेक्षन विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए क्षेत्र में सरकार व विधायक के कामकाज की पारखी राय जानने के लिए किया गया।
स्थानीय लोगों ने कहा कि कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से सरकार के कदमों का असर दिखता है। कई वार्डों में आवास, राशन और विधवा पेंशन मिलने की बात सामने आई। व्यापारी, किसान और युवा भी कई योजनाओं के लाभ मिलने की चर्चा कर रहे हैं।
विधायक की कार्यशैली पर नाराज़गी
हालाँकि लोगों ने विधायक की सक्रियता पर असंतोष जताया। बातचीत में कई लोगों ने कहा कि विधायक क्षेत्र में कम दिखते हैं और उन्होंने कोई ठोस काम नहीं कराया। कुछ ने कहा कि विधायक अपने कारोबार में व्यस्त रहते हैं और उन्हें नकारात्मक रेटिंग दी गई।
महिलाओं ने बताया कि उन्हें आवास मिला है और राशन भी मिल रहा है। महिला सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाये जाने का भी उल्लेख हुआ, पर महिलाओं ने विधायक की उपस्थिति और कामों पर निराशा व्यक्त की। कई बार उनके मिलने की बात भी नहीं हुई, यही शिकायत दोहराई गई।
व्यापारियों ने कहा कि योगी सरकार के दौरान कानून-व्यवस्था बेहतर हुई है और आने-जाने में भय कम हुआ है। उन्होंने चोरी-लूट जैसी घटनाओं में कमी बताई और यह भी कहा कि इस वजह से वे भाजपा को वोट देंगे। पर स्थानीय विधायक के प्रति नाराज़गी बनी रही।
किसानों ने कहा कि राशन, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार दिखा है और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। युवा वर्ग ने भी सरकारी योजनाओं से मिलने वाले लाभ और बेहतर कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए समर्थन जताया, फिर भी उन्होंने स्थानीय विधायक पर असंतोष व्यक्त किया।
अब रुधौली में यह देखना बाकी है कि अगले कुछ महीनों में स्थानीय प्रतिनिधियों और पार्टियों की गतिविधियाँ किस तरह असर दिखाती हैं। स्थानीय लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे चुनाव से पहले अपने मुद्दे नजदीकी कार्यालयों और जनप्रतिनिधियों के सामने रखें।
स्रोत: अमर उजाला

