बिजनौर। गांव पूरनपुर स्याना के मजदूर राजवीर सिंह ने बताया कि बच्चे की तबीयत खराब होने पर साल 2013-15 के दौरान उसने इलाज के लिए गांव के ही जोगेंद्र सिंह से 13,000 रुपये उधार लिए थे। शुरुआत में वह किस्तें चुका रहा था, लेकिन बाद में कर्ज और ब्याज दोनों बढ़ते गए।
राजवीर ने कहा कि 2020 तक उसने 10,800 रुपये लौटाए। इसके बाद साहूकार ने ब्याज जोड़कर 61,500 रुपये की मांग करनी शुरू की। दबाव और धमकाने के बाद उससे 28,000 रुपये और वसूल लिए गए। फिर भी जोगेंद्र हर महीने पांच प्रतिशत ब्याज जोड़कर करीब 1,00,000 रुपये बकाया बताते हुए भुगतान की मांग कर रहा है।
जमीन पर कब्जा
राजवीर ने बताया कि वह राजमिस्त्री के साथ मजदूरी करता है और उसके पास सिर्फ आधा बीघा जमीन है। पांच दिन पहले साहूकार जोगेंद्र ने उसी आधा बीघा जमीन पर कब्जा कर फसल बो दी। आरोपी ने कहा कि एक लाख रुपये अदा कर दे, तभी जमीन छोड़ी जाएगी। राजवीर ने कहा कि वह बेहद गरीब और भूमिहीन मजदूर है और उसके पास अपना मकान भी नहीं है।
परिवार की आर्थिक तंगी के कारण राजवीर के बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। उसने बताया कि वह लिखित कागजात या बयानों के अभाव में भी न्याय पाने के लिए प्रशासन के पास गया है।
पुलिस की कार्रवाई
सीओ देशदीपक ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि केस की तह तक जाकर जिम्मेदारों पर आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएँगे।
जिले में सूदखोरों का जाल फैला हुआ है और साहूकारों की मनमानी ब्याज दरों से कर्जदार पिस रहे हैं। हाल ही में थाना नजीबाबाद में भी एक साहूकार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
परिवार और ग्रामीण अब प्रशासन से जल्द कानूनी राहत और जमीन की सत्य‑स्थिति की जांच की मांग कर रहे हैं। प्रभावित लोग पुलिस से मदद और कर्ज के सही लेखे‑जोखे की माँग कर रहे हैं ताकि जमीन वापसी और बचाव के रास्ते तलाशे जा सकें।
स्रोत: अमर उजाला

