बिजनौर। वाजिदपुर विस्फोट में झुलसे 15 वर्षीय रोहित की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। इससे पहले उसके छोटे भाई रोहन की भी अस्पताल में उपचार के दौरान करीब छह दिन बाद मौत हो चुकी थी।
दोनों भाइयों के खोने से परिवार को भारी सदमा पहुंचा है। परिजन बताते हैं कि रोहित करीब 12 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा, लेकिन शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया। रोहित के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और देर रात तक शव गांव पहुंचने की तैयारी बताई गई है।
मुकदमे और गिरफ्तारी
विस्फोट के सिलसिले में पीड़ित पिता की तहरीर पर पुलिस ने दो मुकदमें दर्ज किए हैं। 20 सितंबर को एक रिपोर्ट में पांच नामजद और आठ-दस अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद 26 सितंबर को दूसरी रिपोर्ट में तीन नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।
सीओ अफजलगढ़ आलोक कुमार ने बताया कि अधिकांश आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई जारी रखे हुए है।
गांव में दोनों बेटों की मौत के बाद मातम पसरा हुआ है। परिजन और पड़ोसी लगातार रो-रोकर बेहाल हैं। एक ही हादसे में परिवार ने दोनों सगे भाइयों को खो दिया, जिससे घर का माहौल टूट गया है।
स्थानीय लोग और संस्थान अब मृतक परिवार के साथ संपर्क में हैं और अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हैं। प्रशासन और पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है ताकि बाकी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो सके।
पाठकों के लिए सूचना: रोहित के शव का पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद अंतिम संस्कार संबंधी जानकारी परिजन साझा करेंगे। गिरफ्तार आरोपियों और आगे की पुलिस कार्रवाई के बारे में जिले की पुलिस ही आधिकारिक रूप से जानकारी देगी।
स्रोत: अमर उजाला

