गोंडा। लगातार बारिश के बीच बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से नगर में पेयजल संकट गहरा गया है। रविवार को जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की नाराजगी के बाद नगर पालिका प्रशासन ने कुछ पंप चलाए, लेकिन समस्या बरकरार है।
नगर पालिका के जलकल अभियंता रितेश कुशवाहा ने बताया कि कुल 25 पंपों में से आठ जनरेटर से शुरू कर दिए गए हैं। हालांकि अभी भी 17 पंप चालू नहीं हो पाए हैं। इस कारण नगर की कम से कम 15 वार्डों में पानी की आपूर्ति बाधित है।
प्रभावित क्षेत्र और हालात
नगर के 27 वार्डों में सुभाषनगर, राजा मोहल्ला, मेवातियान, जिगरगंज, रकाबगंज, राधाकुंड, इमामबाड़ा और शास्त्रीनगर समेत कई इलाके पानी की कम आपूर्ति से परेशान हैं। बिजली न होने पर ओवरहेड टंकियों तक पानी नहीं पहुँच पा रहा है।
स्थानीय लोग कहते हैं कि नल में पानी न होने पर उन्हें बाहर से पानी खरीदना पड़ रहा है। कई मोहल्लों में घरेलू कामकाज रुक-रुक कर चल रहा है और लोग पीने के पानी के लिए भी इंतजाम करने को मजबूर हैं।
भाजपा के पूर्व जिला मंत्री अनुराग सिंह उर्फ सोनी ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि बिजली आपूर्ति सामान्य होने तक नगर पालिका और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जनरेटर से पानी की मोटरें चलाई जाएं। भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रत्ना वर्मा ने भी तत्काल जनरेटर से जलापूर्ति बहाल कराने की मांग की।
आगे क्या होगा
नगर पालिका प्रशासन ने जनरेटर से आठ पंप चालू कर दिए हैं और बाकी पंपों को दुरुस्त करने की कोशिश जारी है। विभागीय अधिकारी स्थिति सामान्य होते ही बचे पंपों को चालू करने का दावा कर रहे हैं। नागरिकों को अल्पकालिक समाधान के तौर पर बोतलबंद पानी और निकटवर्ती क्षेत्रों से पानी लाने की सलाह दी जा रही है।
स्रोत: अमर उजाला

