गोंडा। चीनी के दाम घटने से स्थानीय परिवारों के रसोई बजट पर असर दिखने लगा है। पहले 60 से 65 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही चीनी अब बाजार में करीब 50 रुपये प्रति किलो मिल रही है।
थोक भाव में आई गिरावट का असर खुदरा बाजार पर भी देखने को मिला है। किराना कारोबारी कृष्ण मुरारी शुक्ल ने बताया कि दाम घटने के बाद ग्राहकों को राहत मिली है और बाजार में चीनी की उपलब्धता पर्याप्त है। दुकानदारों का कहना है कि मांग के अनुरूप आपूर्ति बनी हुई है।
बाज़ार और दाम
दुकानदारों का अनुमान है कि यदि आपूर्ति सामान्य रहती है तो चीनी के दाम में फिलहाल ज्यादा उतार-चढ़ाव की संभावना कम है। लोगों ने बताया कि रोजमर्रा के खर्चों में इससे सहजता आई है और छोटी बचत हो रही है। बाजार में चीनी की बिक्री सामान्य रूप से चल रही है।
दूसरी ओर राशन की ही एक अन्य प्रमुख वस्तु अरहर की दाल के दाम बढ़े हैं। कारोबारियों के अनुसार अरहर करीब 10 रुपये प्रति किलो महँगी हुई है और अब यह 120 से 130 रुपये प्रति किलो के बीच बिक रही है। इस बढ़ोतरी से कुछ परिवारों को दैनंदिन खरीदारी पर असर पड़ सकता है।
ग्राहक दीनदयाल, श्रीनाथ, विपुल और राजेश ने बताया कि किसी एक आवश्यक वस्तु के दाम घटने से घरेलू खर्चों में थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन दाल और अन्य सामग्रियों के दाम बढ़ने से पूरा संतुलन नहीं बनता।
आगे क्या होगा
किराना विक्रेताओं का कहना है कि आपूर्ति में तेजी और थोक भाव के स्थिर रहने पर चीनी के दाम यथास्थिति बने रह सकते हैं। उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि स्थानीय दुकानों पर नियमित कीमतों की तुलना करते रहें।
- चीनी: पहले 60-65 रुपये/किलो, अब करीब 50 रुपये/किलो
- अरहर दाल: अब 120-130 रुपये/किलो
स्रोत: अमर उजाला

