हरदोई। जिले में नियमित टीकाकरण के काम में अगस्त माह में भी सुस्ती दिखी। स्वास्थ्य विभाग के यू-विन पोर्टल के आंकड़े बताते हैं कि कई ब्लॉक्स में टीकाकरण लक्ष्य से काफी पीछे रहे।
अगस्त में कुल 5,556 सत्रों के माध्यम से 11,166 गर्भवती महिलाएं, शून्य से एक वर्ष के 24,568 शिशु, एक वर्ष से अधिक 18,071 बच्चे और 17,224 किशोरियों सहित कुल 71,029 लाभार्थियों को टीका लगाया गया। इसी महीने प्रति सत्र लाभार्थी 12.8 प्रतिशत रहा, जो जुलाई के 13.3 प्रतिशत की तुलना में कम है।
ब्लॉकवार प्रदर्शन
ब्लॉकवार स्थिति पर नजर डालने पर सबसे खराब प्रदर्शन टोडरपुर ब्लॉक का रहा, जहां प्रति सत्र सिर्फ 10.6 प्रतिशत टीकाकरण हुआ। इसके बाद शाहाबाद, हरियावां और टड़ियावां में 11.4 प्रतिशत दर्ज किया गया।
अन्य ब्लॉकों में बावन 11.9 प्रतिशत, भरखनी व सांडी 12.2 प्रतिशत, कछौना 12.4 प्रतिशत, भरावन 12.5 प्रतिशत और कोथावां 12.7 प्रतिशत पर रहे। माधौगंज में यह 12.9 प्रतिशत था जबकि मल्लावां, संडीला व सुरसा में 13.1 प्रतिशत दर्ज हुआ।
हरपालपुर और बेहंदर में यह आंकड़ा 13.5 प्रतिशत रहा। पिहानी में प्रति सत्र 16.6 लाभार्थी और अहिरोरी में 16.7 प्रतिशत को टीकाकरण किया गया। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि कई ग्रामीण और शहरी ब्लॉक्स में कवरेज कमजोर है।
टिकाकरण की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी केंद्र, सीएचसी-पीएचसी और स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात आशा कार्यकर्ता, एएनएम और सीएचओ व चिकित्सा अधिकारियों की है। इसके बावजूद नियमित टीकाकरण में जिला लगातार पिछड़ता जा रहा है।
कार्रवाई के हिस्से के रूप में जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने लापरवाही बरतने वाले ब्लॉकों के चिकित्सा प्रभारियों को प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। “कम औसत वाले ब्लॉकों में टीकाकरण से छूटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं की पहचान कर विशेष सत्र आयोजित करने के लिए कहा गया है।” -डॉ. भवनाथ पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
अब स्वास्थ्य टीमों को निर्देश मिल चुके हैं कि वे छूटे लाभार्थियों की सूची बनाकर चल सत्र और विशेष शिविर चलाएं। स्थानीय लोगों से भी कहा गया है कि वे गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों का टीकाकरण समय पर कराएं।
स्रोत: अमर उजाला

