हरदोई। जिले में तेज बारिश और बैराजों का पानी छोड़े जाने से बाढ़ का असर बढ़ गया है। सराय और गोमती नदियों के उफान से भरावन क्षेत्र के 30 गांवों में पानी घुस गया और 86 परिवारों को अपने घर छोड़कर सड़क किनारे दुमकना पड़ा।
भरावन और बिलग्राम तहसीलों में बाढ़ अब जिले की पांचों तहसीलों तक फैल चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार बाढ़ की वजह से 14 स्कूल बंद किए गए हैं, जबकि बिलग्राम क्षेत्र में अलग से 11 स्कूल बंद करने की सूचना मिली। वहीं 13 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप है।
ग्रामीणों की मुश्किलें और नुकसान
तुलसीपुर, कूड़ा, कटका, रामपुर, लक्ष्मणपुरवा, धनापुरवा, रसुलवा, देवरी, कटकी, ईश्वरीपुरवा और छोटा कटका समेत गांवों में पानी घुस गया है। तुलसीपुर में 86 परिवार मकान छोड़कर अतरौली‑भटपुर मार्ग के किनारे तिरपाल डालकर रहने को मजबूर हैं। ग्राम समाज की जमीन पर 49 झोपड़ियाँ बनाई गईं और भटपुर में 40 से अधिक कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
धान, उर्द और गन्ने की करीब 25 हजार बीघा फसलें पानी में डूब गईं। भटपुर के प्राथमिक विद्यालयों में पानी भर गया है। वहां पीएचसी, पंचायत भवन, होम्योपैथिक अस्पताल, एएनएम सेंटर, सामुदायिक शौचालय और अस्थाई पशु आश्रयस्थल भी जलमग्न हो गए हैं।
बिलग्राम क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने से राजघाट आसपास के ग्रामीण इलाके बुरी तरह प्रभावित हैं। जरसेनामऊ से मेहंदी घाट तक दोनों ओर पानी लबालब भरा है और आवागमन के लिए नाव ही सहारा बन गई है। कटरी जरसेनामऊ, कटरी बिलुही, कटरी छिबरामऊ और कटरी बिछुईया जैसे इलाकों में भी पानी भरा है।
प्रशासन ने राहत और बचाव के काम तेज कर दिए हैं। सीवीओ डॉ. एके सिंह ने पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डीके गुप्ता के साथ टड़ियावां, बहर, लिलवल और पाला पशु आश्रयस्थलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मवेशियों को ऊंचे स्थानों पर शिफ्ट कराया और नावों की व्यवस्था कराई। नरौरा बैराज से 77,819 क्यूसेक और गर्रा नदी से 2,177 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
भटपुर के ग्रामीणों को भाजपा नेता पंकज शुक्ला ने राहत सामग्री दी। बीडीओ अरविंद कुमार ने कटका में नाव डलवाई और सीएल दीक्षित ने बाढ़ पीड़ितों से मिलकर ढांढस बंधाया। एसडीएम एन राम और तहसीलदार दीपक गौतम प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे हैं और बताया कि पीड़ितों को हर संभव सहायता दी जा रही है।
स्रोत: अमर उजाला

