हरदोई। पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जिले में कई क्षेत्रों में जनजीवन बाधित कर दिया है। जिला प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया और राहत-बचाव का काम तेज कर दिया है।
25 से 27 सितंबर के दौरान हरदोई जिले में अत्यधिक बारिश के कारण सात लोगों की मौत और सात के घायल होने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा 30 मवेशियों की जान चली गई और 330 मकान क्षतिग्रस्त हुए। संडीला तहसील सबसे अधिक प्रभावित रही।
राज्य स्तर पर इस तीन दिवसीय भारी बारिश में कम से कम 56 लोगों की मौत दर्ज की गई है। प्रशासन ने जलभराव वाले इलाकों से लोगों को निकाला और उन्हें राहत शिविरों में रखा। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, पीने का पानी, राशन और अस्थायी आवास उपलब्ध कराए गए हैं।
जनसुनवाई में नायाब शिकायत
हरदोई के मल्लावां ब्लॉक के नेवादा पारस गांव निवासी सूरज तिवारी ने जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर एक अनूठी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने लिखा कि “इंद्रदेव बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार बारिश कर रहे हैं” और यह पूछा कि बिना सूचना बारिश क्यों हो रही है।
शिकायत में सूरज तिवारी ने बताया कि सड़कों, गलियों और निचले इलाकों में जलभराव के कारण लोगों के घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट से अनुरोध किया, “मुझे इंद्रदेव का मोबाइल नंबर नहीं पता है। इसलिए मैं जिला मजिस्ट्रेट से अनुरोध करता हूं कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और अपने ‘दिव्य माध्यमों’ का उपयोग करके इंद्रदेव को आवश्यक निर्देश दें।” यह शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।
अधिकारियों का कहना है कि राहत और बचाव का काम जारी है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट दीपावली भार्गव ने बताया कि टीमें स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं, जलभराव को साफ किया जा रहा है और बिजली व सड़क सेवाओं को जल्द दुरुस्त करने का प्रयास चल रहा है।
प्रभावित लोगों को निकटतम राहत शिविरों तथा जिला प्रशासन द्वारा बताए गए संपर्क नंबरों पर सहायता मिल सकती है। अधिकारियों ने जनता से सावधानी बरतने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
स्रोत: अमर उजाला

