जौरालपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कई वर्गों में काम करने वाले कर्मचारियों ने शनिवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक आनंद मिश्रा और गौरव यादव ने दिया।
कर्मचारियों ने ज्ञापन में कहा है कि न्यूनतम मासिक वेतन कम-से-कम 18,000 रुपये तय किया जाए। साथ ही कार्यावधि, अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर पारदर्शी वेतन निर्धारण और वेतन वृद्धि लागू करने की मांग रखी गई है।
नियमन व सामाजिक सुरक्षा की मांग
ज्ञापन में एनएचएम कर्मियों के नियमितीकरण का भी जोरदार समर्थन मांगा गया है। विशेष रूप से वर्ष 2011 से सेवा दे रहे कर्मचारियों तथा वर्ष 2018 में नियुक्त सीएचओ को छह वर्ष की सेवा पूरी होने पर नियमित करने की माँग रखी गई है।
इसके अलावा समिति ने रिक्त पदों पर स्थानांतरण नीति लागू करने, कर्मचारियों को ईपीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी और स्वास्थ्य बीमा सहित सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने की मांग की है। साथ ही आउटसोर्स कर्मियों के समायोजन का भी आग्रह किया गया है।
आंदोलन का कार्यक्रम
समिति ने चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम भी घोषित किया है। इस कार्यक्रम के अनुसार एक अक्तूबर से डिजिटल स्ट्राइक और काली पट्टी बांधकर काम किया जाएगा। पांच से सात अक्तूबर तक सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन करने की योजना है और आठ अक्तूबर को लखनऊ में एकत्रीकरण प्रस्तावित है।
घटित कार्यक्रम में आनंद मिश्रा और गौरव यादव के साथ देवाशीष सिंह, मुकेश मौर्य, अवनीश कुमार और राकेश कुमार भी मौजूद रहे। समिति ने शासन तक अपनी मांगे प्रभावी ढंग से भेजकर शीघ्र समाधान की मांग की है।
स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों और मरीजों पर प्रभाव का आकलन फिलहाल स्पष्ट नहीं है, लेकिन कर्मचारियों के चेतावनी भरे आंदोलनों के चलते सेवाओं में बाधा की संभावना बनी हुई है। जो भी आगे की कार्रवाई होगी, इसके बारे में समिति और प्रशासन में बातचीत के बाद निर्णय लिया जाएगा।
स्रोत: अमर उजाला

