केराकत। शनिवार को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केराकत तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला व तहसील संयोजक मुन्नीलाल यादव कर रहे थे।
धरने के बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित छह सूत्री मांगों वाला ज्ञापन तहसीलदार सत्य पाल चौहान को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मुख्य रूप से ओबीसी की जातिगत जनगणना से जुड़े बदलावों की बात रखी गई।
मांगों का ब्यौरा
मोर्चा ने मांग की कि एससी-एसटी की तरह ओबीसी के लिए भी जनगणना में अलग विकल्प दिया जाए और उसी पद्धति से जनगणना कराई जाए। साथ ही राज्यवार आधिकारिक एवं व्यापक मास्टर जाति निर्देशिका तैयार करने और प्रत्येक जाति को विशिष्ट कोड देने का अनुरोध किया गया।
पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि अनियंत्रित ओपन कॉलम व्यवस्था समाप्त कर मानकीकृत विकल्प आधारित प्रणाली लागू की जाए। असूचीबद्ध एवं स्थानीय जातियों के सत्यापन के लिए स्पष्ट संस्थागत व्यवस्था बनाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। मोर्चा ने जाति संबंधी डेटा के संग्रह, सत्यापन और संकलन की प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित तथा ऑडिट योग्य बनाए जाने पर जोर दिया।
धरने में मौजूद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में राजेश यादव, मुन्नीलाल यादव, कमलेश यादव, अशोक यादव, सत्यप्रकाश, बृजलाल यादव, लालजी, गोरखानाथ, हुवेराज और सुरेश यादव शामिल थे। उन्होंने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते समय अपनी बातों को लिखित रूप में रख दिया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और मोर्चा के लोग तहसील परिसर में कुछ समय तक रहे। धरने से तहसील के बाहर आवागमन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा, लेकिन अधिकारीयों को ज्ञापन मिल जाने के बाद उसे उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
आगे क्या होगा
अब तहसील प्रशासन द्वारा ज्ञापन को उच्च अधिकारियों और संबंधित विभागों तक भेजने की प्रक्रिया होगी। जो लोग इन मांगों के पक्ष में हैं, वे आगामी दिनों में और भी व्यापक आंदोलन की बात कर रहे हैं, अगर उनकी मांगों पर सुनी नहीं गई तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
स्रोत: अमर उजाला

