जौनपुर। राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव के पूर्व जनसंपर्क अधिकारी एवं मुख्य चुनाव अभिकर्ता तथा भाजपा के निवर्तमान काशी क्षेत्र ओबीसी महामंत्री इंजीनियर कृष्ण कुमार जायसवाल ने बृहस्पतिवार की शाम जौनपुर में वैश्य समाज को राजनीतिक भागीदारी दिए जाने की मांग उठाई। मीडिया से बातचीत में उन्होंने समाज की लंबित दावेदारी और आगे की रणनीति पर बात की।
कृष्ण कुमार ने कहा कि वैश्य समाज वर्षों से भाजपा के साथ मजबूती से खड़ा रहा है। इसके बावजूद जौनपुर में समाज को उसकी संख्या और योगदान के अनुरूप राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिला। उन्होंने समाज की भागीदारी पर अब गंभीरता से विचार करने की अपील की।
प्रतिनिधित्व और अगली पीढ़ी
कृष्ण कुमार ने खासकर युवाओं को राजनीति में शामिल करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि पंचायत स्तर से लेकर विधानसभा और संसद तक वैश्य समाज की हिस्सेदारी बढ़ानी चाहिए ताकि फैसलों में उनकी आवाज दिखे। इस दौरान उन्होंने अपनी दावेदारी भी जताई और पार्टी नेतृत्व से चर्चा करने का भरोसा जताया।
कृष्ण कुमार ने एक भावुक बयान भी दिया: “भाजपा मेरी मां है। बेटा अगर मां के सामने अपनी बात नहीं कहेगा तो किसके सामने कहेगा। मुझे विश्वास है कि पार्टी मेरी बात अवश्य सुनेगी।”
उन्होंने कहा कि संगठन के भीतर मुद्दों को लेकर संवाद जरूरी है और समुदाय के युवाओं को राजनीतिक मंच देना ही वास्तविक बदलाव लाएगा। सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की मांगों से स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ने की संभावना है।
इस अवसर पर मानिक चंद सेठ, राम सिंह मौर्य, व्यापार मंडल अध्यक्ष राधे रमण जायसवाल, गिरिजेश श्रीवास्तव और राम आसरे मोदनवाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे। उपस्थित नेताओं ने भी समाज के प्रतिनिधित्व पर सहमति जताई और आगे की कार्रवाई के संकेत दिए।
आगे की संभावनाएँ
अब यह देखना होगा कि भाजपा स्थानीय नेतृत्व की इस अपील पर क्या प्रतिक्रिया देती है और वैश्य समाज के प्रतिनिधित्व को लेकर कौन‑से पॉलिसी या उम्मीदवार प्रभावित होते हैं। पार्टी स्तर पर वार्ता और द्विपक्षीय चर्चाओं की संभावना बनी हुई है।
स्रोत: अमर उजाला

