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कासगंज: बाढ़ में एम्बुलेंस रुकी, परिजनों की गोद बनी अस्थायी स्ट्रेचर, बच्ची का सुरक्षित जन्म

पटियाली के मुंजखेड़ा में 108 एम्बुलेंस मुख्य मार्ग डूबने से गांव तक नहीं पहुँच पाई; परिजन नाव से गर्भवती को दूसरे किनारे ले गए।

कासगंज: बाढ़ में एम्बुलेंस रुकी, परिजनों की गोद बनी अस्थायी स्ट्रेचर, बच्ची का सुरक्षित जन्म
फोटो: अमर उजाला

पटियाली। शुक्रवार शाम बाढ़ के बीच मुंजखेड़ा गांव में अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो परिजन असमंजस में पड़ गए। रास्ते जलमग्न होने से 108 एम्बुलेंस गांव के भीतर तक पहुँच नहीं सकी और परिजन ही महिला को गोद में लेकर नाव तक पहुँचे।

निहारिका (25) जिन्हें तेज दर्द उठा, उन्हें सबसे पहले परिजन ही संभालकर पानी में से गांव के छोर तक ले गए। वहां पहले से खड़ी एम्बुलेंस के पहुंचने के बाद उन्हें तुरंत पटियाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में सुरक्षित प्रसव हुआ और एक स्वस्थ बेटी का जन्म हुआ।

बाढ़ से कटे रास्ते और प्रभावित गांव

तहसील के मुंजखेड़ा के साथ नगला जैली और राजेपुर कुर्रा समेत करीब एक दर्जन गांव मुख्य सड़कों से अलग हो गए हैं। आवागमन ठप होने से गर्भवती महिलाएं और गंभीर मरीज समय रहते अस्पताल नहीं पहुँच पा रहे हैं। ग्रामीण बार-बार कह रहे हैं कि यह स्थिति रोजमर्रा की चुनौती बन गई है।

  • प्रभावित गांव: मुंजखेड़ा, नगला जैली, राजेपुर कुर्रा और अन्य, कुल लगभग एक दर्जन
  • सहायता के तौर पर इस्तेमाल: स्थानीय नाव, ग्रामीणों की मदद और 108 एम्बुलेंस

ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि प्रशासन मोटरबोट या वाटर-एंबुलेंस जैसी स्थायी राहत व्यवस्था लगाए ताकि ऐसी स्थिति में समय पर इलाज मिल सके। वे कहते हैं कि अगर तत्काल उपाय न किए गए तो बड़ी अनहोनी संभव है।

पटियाली सीएचसी के मेडिकल स्टाफ ने बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ हैं और मेडिकल टीम की निगरानी में रहेंगे। -डॉ. शिवा श्री, चिकित्सा अधीक्षक, पटियाली सीएचसी

बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट रहने और जरूरी होने पर स्थानीय सहायता पंक्‍तियों से संपर्क करने के लिए कहा जा रहा है। प्रशासन की ओर से कौन से कदम अगले कदम होंगे, फिलहाल उस पर काम जारी है।

स्रोत: अमर उजाला

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Vikas Kumar

Vikas Kumar

कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।