कासगंज। सोरों गेट स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज के इंतजार के दौरान ढाई साल की बच्ची की मौत हो गयी। परिजन सुबह करीब 10 बजे आराध्या को लेकर क्लीनिक आये थे, लेकिन स्टाफ नंबर आने की बात पर अड़ा रहा और तुरंत इलाज नहीं किया गया।
परिजन ने बच्ची की हालत बिगड़ने की बात बतायी और तुरंत दिखाने की गुहार लगायी थी। चार घंटे तक नंबर का इंतजार चलने के बाद दोपहर करीब दो बजे चिकित्सक ने जांच की, एक्स-रे कराया और तत्काल जिला अस्पताल रेफर करने की सलाह दी।
क्लीनिक में देरी
परिजनों ने बताया कि वे सोरोंजी के मोहल्ला रामसिंहपुरा निवासी हिमांशु हैं और वह अपनी ढाई साल की बेटी आराध्या को लेकर पहुंचे थे। वे बच्ची को गोद में लेकर तड़पत रहे थे, लेकिन क्लीनिक के कर्मचारी नियमों और नंबर की बात करते रहे।
डॉक्टर ने जांच के बाद बच्ची की स्थिति नाजुक बतायी और जिला अस्पताल भेजा गया। रास्ते में ही आराध्या की सांसें थम गयीं। इमरजेंसी में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार में इसकी सूचना मिलते ही कोहराम मच गया।
मौत के बाद परिजन शव लेकर फिर से डॉ. प्रवीन गुप्ता के क्लीनिक पहुंचे और इलाज में देरी और लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस, जिला अस्पताल ने कहा, “बालिका गंभीर निमोनिया से पीड़ित थी और लाते वक्त ही स्थिति नाजुक थी। प्राथमिक जांच व एक्स-रे के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए ही रेफर किया गया था।”
डॉ. प्रवीन गुप्ता, चिकित्सक ने कहा, “बच्ची गंभीर स्थिति में थी और हमने रेफर किया।”
आगे की कार्रवाई
परिजन क्लीनिक की लापरवाही के खिलाफ शिकायत कर चुके हैं और पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिया है। अभी पोस्टमार्टम और औपचारिक जांच की प्रक्रिया के बाद आगे की कार्यवाही होगी। मामले से सम्बन्धित लोग बेहतर स्वास्थ्य सतर्कता और आपातकालीन स्थिति में तुरंत रेफर कराने की सलाह दे रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

