लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एलपीजी गैस सब्सिडी से जुड़े उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सूचना जारी हुई है। तेल कंपनियों और सरकार ने गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है और अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 रखी है।
सरकारी आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में कुल 49.89 लाख उपभोक्ता अभी तक ई-केवाईसी नहीं करवा पाए हैं। कंपनियों ने साफ किया है कि 1 अक्टूबर 2026 से जिन उपभोक्ताओं की केवाईसी पूरी और सत्यापित नहीं होगी, उन्हें सब्सिडी का पैसा उनके बैंक खाते में नहीं दिया जाएगा।
कंपनीवार पेंडिंग केवाईसी
तेल कंपनियों के आंकड़े के मुताबिक पेंडिंग केवाईसी की स्थिति इस प्रकार है।
- इंडियन ऑयल (IOCL): 27.57 लाख
- बीपीसीएल (BPCL): 15.92 लाख
- एचपीसीएल (HPCL): 6.40 लाख
- कुल: 49.89 लाख उपभोक्ता
बताया गया है कि अब तक पूरे प्रदेश में 1,20,35,000 उपभोक्ताओं ने अपनी ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। तेल कंपनियां लगातार जागरूकता अभियान चला रही हैं, लेकिन लाखों परिवार अभी भी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
गैस कंपनियों ने कहा है कि ई-केवाईसी करने के लिए उपभोक्ताओं को अपनी संबंधित कंपनी का आधिकारिक मोबाइल ऐप डाउनलोड करना होगा। मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे ही केवाईसी पूरी की जा सकती है। तकनीकी समस्याओं या सहायता के लिए उपभोक्ता अपनी अधिकृत गैस एजेंसी पर भी मुफ्त में यह प्रक्रिया करवा सकते हैं।
कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और किसी भी असुविधा से बचने के लिए तुरंत केवाईसी पूरी कर लें। राज्य स्तर के हेडर ने दोहराया है कि 30 सितंबर के बाद ही वे उपभोक्ता सब्सिडी का लाभ पाएंगे जिनकी केवाईसी पूरी तरह सत्यापित होगी। उपभोक्ताओं को अब अपनी केवाईसी जल्द पूरा कर लेना चाहिए ताकि सब्सिडी कटने जैसी परेशानी से बचा जा सके।
स्रोत: News18

