लखनऊ। आगामी जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियां पूरी की जा रही हैं और इस बार फॉर्म में परिवार व सदस्यों से कुल 40 प्रश्न पूछे जाएंगे। पहली बार जनगणना में जाति से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
प्रशासन ने बताया है कि जनगणना कर्मचारियों की एक सप्ताह की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। दूसरे चरण की शुरुआत स्वगणना से होगी और इसके लिए 16 नवंबर से 30 नवंबर तक कुल 15 दिन का समय निर्धारित किया गया है।
स्वगणना और घर-घर सत्यापन
16 नवंबर से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लोग अपने परिवार की जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। 1 दिसंबर से जनगणना कर्मी घर-घर जाकर ऑनलाइन भरे गए फॉर्म का सत्यापन और बाकी परिवारों का डेटा संग्रह करेंगे।
जिन परिवारों ने स्वगणना के दौरान ऑनलाइन फॉर्म भर दिया होगा, उनके मामलों में कर्मी आईडी के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी करेंगे। जिन परिवारों ने ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरा होगा, उनके यहां जनगणना कर्मी पहुँचकर जानकारी स्वयं दर्ज करेंगे।
जनगणना के फॉर्म में परिवार के सदस्यों की बुनियादी जानकारी के साथ उनकी शैक्षणिक योग्यता, पेशा, रहन-सहन और अन्य सामाजिक-आर्थिक विवरण लिए जाएंगे। इन डेटा के आधार पर देश में परिवारों और लोगों से जुड़े विभिन्न सामाजिक और आर्थिक आंकड़े तैयार किए जाएंगे।
नागरिकों से अनुरोध
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना के दौरान मांगी गई जानकारी सही-सही उपलब्ध कराएं और निर्धारित समय-सीमा का पालन करें। बताया गया है कि जनगणना से जुटाए जाने वाले आंकड़ों का इस्तेमाल कहीं दूसरी जगहों में नहीं किया जाएगा और जो भी जानकारी नागरिक देंगे वह गोपनीय रखी जाएगी।
नागरिक अपना डेटा सावधानी से भरें ताकि आगे की प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की असुविधा न हो। अधिक जानकारी या सहायता के लिए स्थानीय जनगणना कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
स्रोत: अमर उजाला

