लखनऊ। राज्य में कई दिनों से जारी तेज बरसात का दौर सोमवार से धीरे-धीरे कमजोर होगा। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के कमजोर पड़ने से बारिश की गतिविधियों का दायरा घट जाएगा और अधिकांश स्थानों पर केवल छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना रहेगी।
मौसम विभाग ने कहा है कि सोमवार के लिए कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार तक पूर्वी व पश्चिमी दोनों हिस्सों में हल्की बारिश के आसार बने रहेंगे, उसके बाद मौसम साफ होना शुरू हो जाएगा और दिन के तापमान में तेजी से उछाल आएगा।
रविवार को प्रदेश के कई जिलों और तराई क्षेत्र में भारी बारिश दर्ज हुई। फर्रुखाबाद में सर्वाधिक 320 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। गोरखपुर में 234.2 मिलीमीटर, लखीमपुर खीरी में 195 मिलीमीटर और महाराजगंज में 186 मिलीमीटर बारिश हुई।
तापमान और स्थानीय असर
लगातार बरसात के कारण कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया था। उरई 18.4 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला बना रहा। पश्चिमी यूपी के बरेली, मुजफ्फरनगर और मुरादाबाद में अधिकतम तापमान सामान्य से नौ से 10 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बारिश और हवाओं की रफ्तार कम होने के साथ अगले एक सप्ताह में अधिकतम तापमान करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इससे रौनक लौटने के साथ लोगों को बाहर कामकाज में सहूलियत मिलेगी और ठंड का असर घटेगा।
स्थानीय स्तर पर पराली जलाने या नालियों की सफाई जैसी तैयारियों के साथ किसानों और नगर निकायों को अलर्ट बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम में अचानक बदलाव के मद्देनजर आवश्यक सावधानियां बरतने के सुझाव दिए जा रहे हैं।
मौसम साफ होने पर धूप के साथ दिन का तापमान बढ़ेगा और नमी कम होगी। जिन इलाकों में हाल ही में पानी भरा हुआ है वहां जलनिकासी पर ध्यान देने की जरूरत बनी रहेगी, ताकि शहरी व ग्रामीण दोनों स्तरों पर जनजीवन जल्दी सामान्य हो सके।
स्रोत: अमर उजाला

