लखनऊ। क़ैसरबाग इलाके में कचहरी के आसपास बसे वकीलों के 200 से अधिक अवैध चैंबरों को गिराने की योजना के तहत रविवार को प्रस्तावित बुलडोजर अभियान फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। शनिवार को कुछ वकीलों ने आपत्तियां दाखिल कर कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया, जिसे नगर निगम ने स्वीकार कर लिया।
नगर निगम ने उच्च न्यायालय के आदेश के बाद 22 सितंबर को वकीलों को नोटिस जारी किया था। नोटिस में कब्जा हटाने और पक्ष रखने के लिए तीन अक्तूबर तक का समय दिया गया था और चार अक्तूबर को अभियान चलाने की बात कही गई थी।
आपत्तियों का निस्तारण होगा
आपत्तियां मिलने के बाद नगर निगम ने कानूनी सलाह ली। सलाह में यह निर्णय लिया गया कि न्यायालय के आदेश के अनुरूप पहले दर्ज आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा और उसके बाद ही अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जाएगा। इसलिए फिलहाल अभियान को टाल दिया गया है।
नगर निगम के जोनल अधिकारी ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि आपत्तियों का निस्तारण तीन से चार दिन में कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निस्तारण के बाद ही पुलिस की मौजूदगी में अवैध चैंबरों को ध्वस्त किया जाएगा।
प्रारंभिक जांच में यह पाया गया है कि जिन आपत्तियों में आधार बताया गया है, वे अवैध निर्माणों पर लागू नहीं होते। निगम का मानना है कि अधिकांश आपत्तियों में कानूनी मजबूती नहीं है, फिर भी नियमानुसार उनका निपटारा किया जाएगा।
क़ैसरबाग के आसपास रहने वाले लोग और चैंबर संचालक अब अगले कुछ दिनों में निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कई वकील आशंका जता रहे हैं कि कार्रवाई से उनके व्यवसाय पर असर पड़ेगा, जबकि नगर निगम का बयान है कि कानून के मुताबिक कदम उठाया जाएगा।
अब अगले तीन‑चार दिनों में आपत्तियों का निस्तारण होगा और उसके बाद नगर निगम कार्रवाई की राप्ता तय करेगा। प्रभावित लोग नगर निगम से संपर्क कर अपनी आपत्तियां औपचारिक तौर पर दर्ज करा सकते हैं।
स्रोत: अमर उजाला

