मैनपुरी। आगरा रिन्यूएबल एनर्जी एसोसिएशन की सौर ऊर्जा गोष्ठी में पीएम सूर्यघर योजना 2.0 में हाइब्रिड सोलर सिस्टम पर बात की गई। कार्यक्रम शुक्रवार रात आयोजित हुआ और इसमें आगरा मंडल के 200 से अधिक पीएम सूर्यघर योजना के रजिस्टर्ड वेंडर्स ने भाग लिया।
गोष्ट्ठी में बताया गया कि अब ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम में बिना बैटरी लगाने से ग्रिड पर अनावश्यक लोड आ रहा था। ऐसे में सरकार बैटरी बैकअप वाले सोलर सिस्टम को अनिवार्य कर सकती है ताकि बिजली कटने पर भी घरों को निर्बाध आपूर्ति मिल सके।
हाइब्रिड सिस्टम की खासियत
आगरा रिन्यूएबल एनर्जी एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव जैसवाल ने कहा कि बिजली की कटौती और संकट के बीच हाइब्रिड इनवर्टर सबसे समझदारी वाला विकल्प है। नेडा के परियोजना अधिकारी प्रेम चंद और माइडिया एनर्जी के कंट्री हेड प्रवीन शर्मा ने बताया कि पीएम सूर्यघर योजना 2.0 में हाइब्रिड इनवर्टर लगाने पर लाइट जाने पर एसी तक चलाया जा सकता है।
डीवीवीएनएल के जितेंद्र कुमार, माइडिया के इंटरनेशनल सेल्स मैनेजर मिडो (चीन) और माइडिया के ग्लोबल ट्रेनिंग मैनेजर पीयूष चौधरी ने बताया कि सामान्य ऑन-ग्रिड इन्वर्टर में लाइट चली गई तो सोलर भी बंद हो जाता है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली जाने के बाद हाइब्रिड सोलर सिस्टम बिजली प्रदान करता रहता है और यह स्थानीय उपयोग के लिए लाभदायक साबित होता है।
कार्यक्रम में एमएलसी विजय शिवहरे ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य हर व्यक्ति को बिजली के लिए आत्मनिर्भर बनाना है। साथ ही सीताराम अग्रवाल, सुशील कुमार, राकेश मिश्रा, अयान जैसवाल, संजीव जैन और दीप गुप्ता भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
स्थानीय वेंडरों के लिए यह नया निर्देश महत्वपूर्ण होगा क्योंकि बैटरी सहित हाइब्रिड सिस्टम की मांग बढ़ने पर इंस्टालेशन और सर्विसिंग के काम में बढ़ोतरी होगी। अगले कदम में योजना के दिशा-निर्देशों में आधिकारिक संशोधन की प्रक्रिया और वेंडरों के प्रशिक्षण विषय पर चर्चाएँ होने की संभावना है।
स्रोत: अमर उजाला

