वाराणसी। शनिवार को अयोध्या मैदान में आयोजित रामलीला का दूसरा दिन भी बारिश से प्रभावित रहा, पर दर्शक और कलाकार मैदान में रुके रहे। तेज हवाएं और मूसलाधार बारिश के बावजूद प्रस्तुति देर से शुरू हुई।
मंचन साढ़े छह बजे कुंवर अनंत नारायण सिंह की सवारी के आने पर विधिवत रूप से शुभारम्भ हुआ। मैदान में पानी भरने के कारण कार्यक्रम शुरू होने में देरी हुई और नगर निगम के कर्मचारी पानी निकालने में लगे रहे।
लीला की प्रमुख झांकियाँ
दूसरे दिन का मंचन अयोध्या नगरी के प्रसंग पर केन्द्रित था। राजा दशरथ की पीड़ा और संतानहीनता, उनका महर्षि वशिष्ठ के आश्रम जाना और पुत्रेष्टि यज्ञ की कथा मंचित की गई। साक्षात अग्निदेव के प्रकट होने और खीर बांटने का दृश्य भी प्रस्तुत किया गया।
लीला में राजा दशरथ के भावुक होने के दृश्य और चारों बालकों के जन्म-समारोह की झांकी दर्शकों को भावविभोर कर गई। मंचन में श्रीराम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न के नामकरण तथा उनकी शिक्षा-दीक्षा के प्रसंग भी दिखाए गए।
श्रद्धालु बारिश से बचने के लिए छतरियों, बरसाती और पॉलिथीन शीट की ओट लेकर बैठ गए थे। कुछ दर्शक पानी से बचने के लिए कवर में खड़े रहे, वहीं कई लोग गीले मौसम में भी राम का नारा लगाते रहे।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में माता कौशल्या द्वारा बच्चों के लिए मंगल आरती कर लीला को विश्राम पर रखा गया। आगे के दिनों में भी कार्यक्रम निर्धारित समय पर और मौसम के अनुसार आयोजित किया जाएगा।
स्रोत: अमर उजाला

