प्रतापगढ़। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष कैलाशवासी महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज की पांचवीं पुण्य स्मरण बेला शनिवार को अल्लापुर के श्री मठ बाघंबरी गद्दी में मनाई गई। दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन देशभर से साधु-संत और महात्मा श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मठ पहुंचे।
समाधि पूजन में मठ के महंत बलबीर गिरि जी महाराज, अखाड़े के पंच परमेश्वर, महामंडलेश्वर और अन्य संतों ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम में एक हजार से अधिक साधु-संत शामिल हुए और मठ को फूलों व झालरों से सजाया गया था।
समाधि पूजन और कार्यक्रम
सुबह समाधि स्थल पर अभिषेक से दिन की शुरुआत हुई। इसके बाद पंच परमेश्वर, ब्राह्मणों और महामंडलेश्वरों ने गृह शांति और विष्णु सहस्रनाम हवन किया। हवन की रस्मों के बाद समाधि पूजन और पुष्पांजलि कार्यक्रम संपन्न हुआ।
देश के विभिन्न हिस्सों से आए संतों ने महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की और एक साथ प्रार्थना की। पूजन के बाद दोपहर 12 बजे से श्रद्धालुओं और संतों के लिए प्रसाद का वितरण शुरू किया गया।
मठ के महंत बलबीर गिरि जी महाराज ने कार्यक्रम के दौरान कहा, “पूज्य गुरुजी अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से सदैव लोगों के बीच जीवित रहेंगे।” उन्होंने देशभर से आए साधु-संतों का स्वागत और आभार व्यक्त किया।
आगे की गतिविधियाँ
दो दिवसीय कार्यक्रम के समापन के साथ ही श्रद्धालु और संत धीरे-धीरे मंच से विदा हुए। मठ प्रशासन ने कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था और स्वच्छता का ध्यान रखा। आगे आने वाले दिनों में भी मठ पर स्मृति सम्बन्धी कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं, जिनकी सूचनाएं मठ प्रबंधन से मिलती रहेंगी।
स्रोत: अमर उजाला

