बांदा। शनिवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया जिससे जिले में राजस्व कार्य प्रभावित हो गए। तहसीलों में रिपोर्ट न लगने के कारण आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों का सत्यापन रुक गया है और आवेदक तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं।
जिले की पांचों तहसीलों में कुल 9,444 आय, जाति, निवास और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्रों के आवेदन लंबित हैं। सबसे अधिक आय प्रमाणपत्र 4,670 और जाति प्रमाणपत्र 2,322 लंबित बताए गए हैं। निवास के 2,282 तथा ईडब्ल्यूएस के 170 आवेदन भी अब तक रिपोर्ट न लगने के कारण रुके हुए हैं।
हड़ताल के कारण और मांगें
लेखपालों ने आठ सूत्री मांगों के साथ यह आंदोलन शुरू किया है। मांगों में 2,800 ग्रेड पे, वेतन विसंगति दूर करने, अंतर मंडलीय स्थानांतरण, पदोन्नति, भत्ते बढ़ाने और लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। तहसीलों में कई स्थानों पर लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन किए और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया।
नरैनी में लेखपालों के कार्य बहिष्कार से रिपोर्ट लगाने का काम प्रभावित रहा। अतर्रा तहसील के तहसीलदार महेंद्र कुमार तिवारी ने करीब 250 आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र लंबित होने की जानकारी दी। बबेरू, पैलानी और सदर तहसील में भी लेखपालों ने अलग-अलग समय धरना और कार्य बहिष्कार किया।
हड़ताल का प्रत्यक्ष असर छात्रों और नौकरी-उम्मीदवारों पर दिखा। अतर्रा के चंद्रायाल गांव के छात्र श्यामबाबू गिरी ने बताया कि जाति प्रमाणपत्र के लिए बार-बार आवेदन करने के बावजूद तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बाघा के किसान रामसजीवन नामदेव ने कहा कि उनकी बेटी का जाति प्रमाणपत्र भर्ती प्रक्रिया में नहीं लग पा रहा है।
हड़ताल के चलते राजस्व से जुड़े मुकदमों में भी देरी आ रही है। जमीन की पैमाइश और कुरा बंटवारे के मामलों में लेखपालों की रिपोर्ट न होने पर आगे की कार्रवाइयां रुक रही हैं। जिस कारण ग्रामीणों को मिलने वाली सुनवाई और निस्तारण प्रभावित हुआ है।
आगे क्या होगा
लेखपाल संघ ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर 17 अक्तूबर से संपूर्ण कार्यों का बहिष्कार किया जा सकता है। नरैनी में आठ अक्तूबर से ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार और शासकीय व्हाट्सएप समूह छोड़ने का भी निर्णय लिया गया है। जिलाधिकारी के स्तर पर हुए समाधान दिवस में कई शिकायतों की जांच के लिए टीमें गठित की गईं, पर多数 मामलों का निस्तारण अभी लंबित है।
स्रोत: अमर उजाला

