फिरोजाबाद। 9 साल 9 महीने तक पुलिस की पहुंच से बाहर रहे इनामी आरोपी करतार सिंह की तलाश जिले की पुलिस अब डिजिटल तरीकों से तेज कर रही है। मामला फरवरी 2013 में थाना एत्माद्दौला में दर्ज अपहरण‑दुष्कर्म के आरोप से जुड़ा है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक करतार मूलरूप से टूंडला, फिरोजाबाद का निवासी था और नरायच में रहता था। 14 वर्षीय किशोरी के अपहरण के बाद उसे पकड़ा गया और बाद में दुष्कर्म की धाराएं जोड़ी गईं। अप्रैल 2016 में अदालत ने उसे अपहरण के अपराध में साढ़े तीन साल की सजा सुनाई और 1 सितंबर 2016 को वह जेल से रिहा हुआ।
फ़ैले हुए खोजी प्रयास
रिहाई के बाद हाईकोर्ट के आदेश और अभियोजन पक्ष की अपील के चलते पुलिस उसे अदालत में पेश कराने लगी, लेकिन तलाश कर जब अधिकारी निकले तो वह भाग चुका था। परिजन संपर्क में न होने के कारण कोई सुराग नहीं मिला और थक-हारकर पुलिस ने 21 जनवरी 2018 को उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया।
तलाश के दौरान दिल्ली, लखनऊ, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कुल छह राज्यों में टीमों ने दबिश दी। कई जिलों के रेलवे और बस स्टेशनों पर पोस्टर चस्पा किए गए और दिल्ली तथा लखनऊ में भी लगातार छानबीन की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।
तलाश में अब डिजिटल हथियार
नागर जोन के डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि नगर जोन में ऐसे 22 इनामी अपराधी हैं जिनकी धरपकड़ के लिए पारंपरिक पुलिसिंग के साथ डिजिटल हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब एआई की मदद से करतार के अलग‑अलग उम्र और हुलिए के काल्पनिक फोटो तैयार किए जा रहे हैं।
एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा ने कहा कि 50 हजार के इनामी करतार सिंह की तलाश में टीम लगी है और एआई से बनाए गए फोटो पुलिस के आंतरिक पोर्टलों, सोशल मीडिया ग्रुप्स व अन्य राज्यों की पुलिस के साथ साझा किए जा रहे हैं।
पुलिस आरोपी की गतिविधियों पर भी नजर रख रही है। निगरानी में बैंक खाते, टोल प्लाजा पर आवाजाही, गैस कनेक्शन और सिम कार्ड शामिल हैं:
- बैंक खाते
- टोल प्लाजा की आवाजाही
- गैस कनेक्शन
- सिम कार्ड्स
पुलिस ने कहा है कि आने वाले दिनों में एआई से तैयार तस्वीरों के सहारे पहचान की कोशिशें तेज की जाएंगी और जो भी जानकारी मिलेगी उस पर कार्रवाई होगी।
स्रोत: अमर उजाला

