लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में तैनात असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट पवन कुमार गर्ग और उनके साथी सचिन विश्वकर्मा की गुमशुदगी अब दोहरे हत्याकांड में बदल गई है। शुक्रवार शाम पुलिस ने इस सनसनीखेज अपराध का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने दोनों को अगवा कर अलग‑अलग कमरों में बंधक बनाया और 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। रकम न मिलने पर आरोपियों ने विरोध करने पर दोनों की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना 28 सितंबर की दोपहर करीब 12 बजे हुई, जबकि पवन 27 सितंबर से लापता थे और 29 सितंबर को उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
किस तरह हुआ अगवा और सबूत मिटाने का प्रयास
पुलिस के अनुसार, इटौंजा के मिठाई दुकानदार नितिन मिश्रा ने पवन को प्रॉपर्टी दिखाने के बहाने बुलाया था। नितिन अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर पवन और सचिन को अगवा कर ले गया। आरोपियों ने दोनों को एक निर्माणाधीन मकान में अलग‑अलग कमरों में रखा और फिरौती न मिलने पर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने शवों को ठिकाने लगाने के लिए थार और हुंडई कार का इस्तेमाल किया और दोनों शव महमूदाबाद के पास घाघरा नदी में फेंक दिए। पवन कुमार गर्ग की कार सीतापुर में खड़ी कर दी गई ताकि जांच में गुमराह किया जा सके।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इटौंजा निवासी मिठाई दुकानदार नितिन मिश्रा, प्रकाश सिंह, सूरज सिंह, मोहित सिंह और अजीत पुलिया के रूप में की है। आरोपियों के कब्जे से पवन की सोने की चेन, अंगूठी, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड और बैंक स्टेटमेंट की फोटोकॉपी बरामद हुई है।
बरामद सामान
- दो गाड़ियाँ (थार और हुंडई)
- सोने की चेन और अंगूठी
- ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड और बैंक स्टेटमेंट की फोटोकॉपी
पुलिस ने बताया कि मामले की सभी पहलुओं की जांच जारी है और अपहरण तथा हत्या से जुड़े अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं। आगे की कार्रवाई में संपत्ति लेन‑देन और 50 लाख रुपये की मांग के आर्थिक पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
स्रोत: TV9 भारतवर्ष

