गाज़ीपुर। सोमवार रात नोनहरा थाने की पुलिस ने अटवा मोड़ पक्का पुल मंदिर के पास मुठभेड़ में दो गो‑तस्करों को गिरफ्तार किया। मुठभेड़ में एक तस्कर के बाएं पैर में गोली लगी, उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया।
कासिमाबाद के सीओ अनुभव राजर्षि ने बताया कि नोनहरा थानाध्यक्ष विवेक कुमार तिवारी व उनकी पुलिस टीम गश्त पर थीं। चौकी प्रभारी ने सूचना दी कि संदिग्ध डीसीएम गाजीपुर घाट की ओर से मुहम्मदाबाद होते हुए बिहार की तरफ जा रही है। पुलिस ने अटवा मोड़ पक्का पुल मंदिर के पास घेराबंदी कर डीसीएम को रोकने की कोशिश की।
रोकने पर हुई गोलीबारी
पुलिस के अनुसार डीसीएम सवार बदमाशों ने पुलिस टीम को देखकर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में संतुलित जवाबी कार्रवाई की। इस कार्रवाई में परमजीत सिंह के बाएं पैर में गोली लगी, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया।
दूसरे आरोपी गुरपंत सिंह को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे पंजाब से गोवंश लादकर बिहार ले जा रहे थे। पुलिस ने मौके से तमंचा, खोखा और कारतूस भी बरामद किए।
पुलिस ने बरामद सामान की सूची में पंजाब नंबर की डीसीएम और 10 गोवंश शामिल बताया। घटना के संबंध में मुठभेड़ और बरामदगी के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि रात में खबर सुनकर इलाके में अफरातफरी रही, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से हालात काबू में हैं। आगे की पूछताछ और मामले की विस्तृत जांच पुलिस कर रही है।
आगे क्या होगा
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पूछताछ जारी है और डीसीएम के मालिक व अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कारवाई और साक्ष्य जुटाने पर अगला कदम लिया जाएगा।
स्रोत: अमर उजाला

