बहराइच। जिले और नेपाल के पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के चलते सरयू नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ा है। रविवार को एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.34 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान 106.07 मीटर से 27 सेंटीमीटर ऊपर है।
नदी में अचानक आए उफान से महसी तहसील के 12 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इनमें से पांच गांवों के घरों में पानी घुस गया है। महंत पुरवा और जोधापुरवा का संपर्क तहसील व जिला मुख्यालय से कट गया है।
प्रभावित इलाकों की स्थिति
घिरे हुए ग्रामों में खरखट्टन पुरवा, पंचदेवरी, बांसगढ़ी, कोनी, मल्लाहनपुरवा, तुरंतीपुरवा, छत्तरपुरवा, लोनियन पुरवा, सबदपुरवा और जोधा पुरवा शामिल हैं। जोधापुरवा और महंत पुरवा जाते हुए रास्तों पर करीब ढाई फीट पानी बह रहा है, जिससे आवागमन ठप है।
सरयू से घिरे पूरेप्रसाद, गलकारा और कटेला पुरवा की लगभग एक हजार की आबादी के लिए अब नाव ही एकमात्र आवागमन का साधन बचा है। जोधापुरवा निवासी रामकिशोर ने कहा, “रास्ते में पानी भरने से गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।” महंत पुरवा के राजेश कुमार व सुरेश कुमार ने बताया, “नाव के बिना आवागमन संभव नहीं है।” शिवकुमार ने चेताया, “हैंडपंप डूबने से पीने के पानी की समस्या बढ़ गई है।”
महसी तहसीलदार विपिन कुमार चौरसिया ने कहा कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और सभी लेखपालों को प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। 47 नाविकों को अलर्ट पर रखा गया है। लाइफ जैकेट, 10 वाल्टेयर और करीब एक दर्जन टॉर्च उपलब्ध कराए गए हैं। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है और बाढ़ नियंत्रण कक्ष भी चालू है।
- ग्रामीण बाढ़ नियंत्रण कक्ष मोबाइल: 9451164935
जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने सभी एसडीएम को संबंधित अधिकारियों के साथ क्षेत्र का नियमित भ्रमण कर जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित लोगों को जलभराव या बाढ़ की स्थिति में हरसंभव मदद देने का निर्देश भी जारी किया गया है।
स्रोत: अमर उजाला

