शाहजहांपुर। खन्नौत नदी और गर्रा नदी के अचानक बढ़ते जलस्तर से जिले के तटीय इलाके जलमग्न हो गए हैं और लोधीपुर में बाढ़ में फंसे कई परिवारों को निकाला गया। सोमवार तक प्रशासन और स्थानीय लोगों ने बचाव व राहत का काम जारी रखा।
सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक खन्नौत नदी का जलस्तर लोधीपुर पुल पर 146.05 मीटर दर्ज किया गया है जबकि नदी का खतरे का निशान 145.75 मीटर है। इसी परिदृश्य में खन्नौत खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर है। रविवार रात आठ बजे खन्नौत का जलस्तर 145.65 मीटर था, जो खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर नीचे था।
बचाव और प्रभावित इलाके
गर्रा नदी का जलस्तर भी तेज़ी से बढ़ रहा है। रविवार रात अजीजगंज पुल पर गर्रा का जलस्तर 147.90 मीटर था, जो सोमवार सुबह बढ़कर 148.15 मीटर पहुंच गया। खतरे का निशान 148.80 मीटर है और दियूनी बैराज से छोड़ा गया 25 हजार क्यूसेक से अधिक पानी सोमवार रात तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
लोधीपुर में बाढ़ में फंसे 22 से 24 परिवारों के करीब 80 से 85 लोगों को मोटर बोट के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कुछ लोगों को एनटीआई स्कूल स्थित आश्रय स्थल में शिफ्ट किया गया, जबकि कुछ रिश्तेदारों के यहां चले गए। स्थानीय पार्षद रूपेश वर्मा उर्फ अन्नू ने पहले अधिकारियों को घटना की सूचना दी और नाविकों के साथ बचाव कार्य शुरू कराया।
स्थानीय स्थिति और समस्याएं
कई मोहल्लों में पानी घरों के अंदर तक पहुँच गया है। हनुमतधाम के चारों तरफ पानी भरने के कारण वहां के दर्शन बंद कर दिए गए हैं और सुरक्षा के मद्देनजर एनडीआरएफ की टीम व पुलिस तैनात कर दी गई है। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुबह नाश्ता और दोपहर में भोजन के पैकेट वितरित करने का दावा किया है।
पीड़ितों ने घरों में रखे सामान के खराब होने की चिंता जताई है। “मकान में पानी भर गया है। एनटीआई स्कूल स्थित आश्रय स्थल में रुके हैं। घर में काफी सामान पानी में डूबने से खराब हो गया है।” – शबनम, लालपुल लोधीपुर।
अन्य प्रभावितों के शब्द भी रिपोर्ट में दर्ज हैं: “घर में रखा राशन डूब गया है। अन्य सामान काे भी नुकसान हुआ है। इस समय क्षेत्र के सभी लोगों के सामने बड़ी मुसीबत है।” – सौरभ, लोधीपुर। “परिवार में छह सदस्य हैं। अभी आश्रय स्थल में ठहरे हैं। बाढ़ की वजह से घर में काफी सामान को नुकसान पहुंचा है।” – मोहम्मद रफी, लोधीपुर।
प्रशासन ने कहा है कि बाढ़ क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर और राहत-सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। लोगों से नदी किनारे नहीं जाने और निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
स्रोत: अमर उजाला

