गोंडा। लगातार बारिश के चलते शनिवार को शहर और आसपास के गांवों में जलभराव की समस्या बढ़ गई। कई जगहों पर घरों के सामने पानी खड़ा हो गया और सड़कों पर आवागमन मुश्किल हो गया।
पटेलनगर, चौक, ईदगाह रोड, मेडिकल कॉलेज परिसर, छेदीपुरवा और आवास विकास कॉलोनी सहित कई मोहल्लों में पानी भरा हुआ है। आवास विकास का बिजली उपकेंद्र चारों तरफ से पानी से घिर गया है और बिजली आपूर्ति को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
बारिश और नदियों का हाल
पिछले दो दिनों में जिले में करीब 150 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। एक जून से 26 सितंबर तक जिले में कुल 832.4 मिमी वर्षा हुई है। कुआनो नदी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई है और सरयू का जलस्तर 12 घंटे में 32 सेंटीमीटर बढ़ा।
शहर के निचले इलाकों में सबसे अधिक जलभराव होने से लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। कई जगह सड़कों और नालियों के बीच का फर्क भी नजर नहीं आ रहा, जिससे निकासी बाधित हो रही है।
डीएम प्रियंका निरंजन ने शनिवार शाम बारिश से प्रभावित शहर के इलाकों का भ्रमण कर स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों से जलभराव और जलनिकासी की जानकारी ली। डीएम ने कहा कि “बारिश को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है।” प्रशासन की टीमें सरयू, कुआनो समेत अन्य नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रख रही हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैनात हैं।
रेल सेवा पर असर
तेज हवा और बारिश के कारण गोंडा-बहराइच रेलखंड पर बनगाई-गंगाधाम स्टेशन के बीच ट्रैक पर पेड़ गिर गया। इससे 15132 एक्सप्रेस रद्द करना पड़ा। 75111 सवारी गाड़ी के भी रद्द होने की सूचना है। मोतीगंज-बरुआचक, गौर-टिनिच, मनकापुर-टिकरी और टिकरी-कटरा के बीच भी ट्रैक पर पेड़ गिरने की घटनाएँ दर्ज हुईं। रेलकर्मियों ने पेड़ कटवाकर ट्रैक साफ कराया।
स्थानीय लोग और व्यापारिक गतिविधियाँ जलभराव से प्रभावित हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में सहायता और राहत कार्य के निर्देश दिए हैं। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रभावित मार्गों से बचने का अनुरोध किया गया है।
स्रोत: अमर उजाला

