गोंडा। जिले में बीते दो दिन की लगातार बारिश और तेज हवा के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। कई स्थानों पर हाईटेंशन लाइनों पर पेड़ व डालियां गिरने से तार टूट गए और खंभे व ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए।
बिजली आपूर्ति की स्थिति इतनी खराब हुई कि जिले के सभी 42 विद्युत उपकेंद्र प्रभावित रहे। इनमें से 22 उपकेंद्र पूरी तरह और 20 उपकेंद्र आंशिक रूप से प्रभावित दर्ज किए गए। इसका असर करीब पाँच लाख उपभोक्ताओं तक पहुंचा और कई इलाकों में लम्बे समय तक बिजली बंद रही।
प्रभावित इलाके और मरम्मत
अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार यादव ने बताया कि जिले में 100 से अधिक खंभे और 15 ट्रांसफार्मर गिरने या क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। पहले पेड़ हटाने का काम कराया गया और उसके बाद लाइनों की मरम्मत शुरू कराई गई। बारिश के कारण पेट्रोलिंग और मरम्मत में परेशानी आ रही है, फिर भी टीमें फॉल्ट ढूँढकर आपूर्ति बहाल करने में लगी हैं।
फॉल्ट का असर कई उपकेंद्रों पर देखा गया। शुक्रवार को झंझरी समेत कई उपकेंद्रों पर आपूर्ति फॉल्ट के कारण ठप रही। प्रभावित इलाकों में बेलसर, वजीरगंज, दुर्जनपुर घाट, खरगूपुर, आर्यनगर, सुभागपुर, कटरा बाजार, तरबगंज और मसकनवा शामिल हैं।
कटरा बाजार संवाद के अनुसार आईपीडीएस कस्बा फीडर रात करीब 12 बजे ठप हो गया। अधिशासी अभियंता रणवीर सिंह ने बताया कि हाईटेंशन लाइन पर पेड़ गिरने से आपूर्ति प्रभावित हुई और टीमें फॉल्ट दूर करने में जुटी हैं। इटियाथोक से मिली जानकारी में खरगूपुर मार्ग पर यूकेलिप्टस का पेड़ हाईटेंशन लाइन पर गिरने से खंभे व तार टूटने की बात भी सामने आई है।
सुरक्षा और अगली कार्यवाही
तरबगंज संवाद के अनुसार ढोढ़ेपुर उपकेंद्र के डुमरियाडीह फीडर में फॉल्ट के कारण गिरधरपुर, सिंगहाभोज, सिंगहाचंदा, विशुनपुर और पिपरी रोहुआ समेत कई गांव प्रभावित रहे। एसडीओ मुकेश कुमार ने कहा कि टीमें फॉल्ट तलाशकर आपूर्ति बहाल कर रही हैं।
दूसरी ओर देवीपाटन क्षेत्र में बिजली विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर अलर्ट जारी किया है। मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों, ट्रांसफार्मर, विद्युत उपकेंद्र, स्टे वायर और खुले तारों से दूर रहने की अपील की है और कहा कि सूचना मिलते ही फॉल्ट ठीक कर आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्रोत: अमर उजाला
