जौनपुर। करंजाकला के लोगों ने शुक्रवार को आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर सड़कों पर प्रदर्शन किया। वे भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं के साथ शिकारपुर पुलिस चौकी पर जमा हुए और बाद में जौनपुर‑खुटहन व जौनपुर‑बैजारामपुर मार्गों पर चक्का जाम कर दिया।
प्रदर्शन लगभग दो घंटे तक चला। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क से हटकर जाम समाप्त किया और यातायात फिर से शुरू हुआ।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला बीते सात सितंबर को हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना से जुड़ा है। घटना के एक दिन बाद आठ सितंबर को पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
पुलिस ने अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली है। परिजनों ने दावा किया कि बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें बताया गया कि एक आरोपी को पुलिस हिरासत के बाद छोड़ दिया गया था।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे चौकी प्रभारी तारकेश्वर राय ने पूछताछ के लिए बुलाया था। उनका कहना है कि चौकी में एक आरोपी को बिठाया गया था, लेकिन बाद में उसके बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और वह शाम को घर लौट गया।
पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले में कार्रवाई करने से बच रही है। नाराज़ ग्रामीण और परिजन शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे शिकारपुर चौकी पहुंच गए और घेराव कर दिया।
प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
चक्का जाम की सूचना पर एसडीएम के साथ खेतासराय, लाइन बाजार, खुटहन और सरायख्वाजा सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामले को शांत कराया।
अब आगे पुलिस क्या कार्रवाई करेगी, इस पर स्थानीय लोग नजर रखे हुए हैं और किसी भी नई जानकारी पर प्रशासन ने कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
स्रोत: अमर उजाला

