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जौनपुर: एशियन गेम्स में रोहित यादव ने भाला फेंक में कांस्य जीता

13 साल के संघर्ष के बाद रोहित ने पहला अंतरराष्ट्रीय पदक जीता; फाइनल में बारिश ने भाले की ग्रिप और ट्रैक फिसलन से चुनौती बढ़ा दी।

जौनपुर: एशियन गेम्स में रोहित यादव ने भाला फेंक में कांस्य जीता
फोटो: अमर उजाला

जौनपुर। एशियन गेम्स में भाला फेंक में कांस्य पदक जीतकर जौनपुर के खिलाड़ी रोहित यादव घर लौट आए। शुक्रवार को दिल्ली से वे वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर पहुँचे और वहां से सीधे अपने घर के लिए रवाना हुए।

रोहित ने अपने पदक की खुशी बयां करते हुए कहा, “वर्षों की मेहनत के बाद मेरी झोली में पहला अंतरराष्ट्रीय पदक आया। खुशी को बयां नहीं कर सकता।” उन्होंने बताया कि यह पदक 13 साल के लंबे इंतजार और लगातार संघर्ष का नतीजा है।

शुरुआत और संघर्ष

रोहित का खेल का सफर बांस की डंडी से शुरू हुआ। उनके पिता ने शुरुआती तकनीक सिखाई और शुरुआती समय में सुविधाएँ भी सीमित रहीं। रोहित ने कहा, “मैं कुछ भी नहीं भूला हूं। सब कुछ आंखों के सामने है।”

प्रोफेशनल सुविधाएँ धीरे-धीरे मिलीं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक मिलने में देर होती रही। कई बार निराशा भी झेलनी पड़ी और एक समय ऐसा भी आया जब वे करियर को लेकर असमंजस में थे। परिवार के समर्थन ने उन्हें हार न मानने की ताकत दी।

फाइनल में कठिनाइयां और आगे की योजना

एशियन गेम्स के फाइनल में बारिश ने चुनौती बढ़ा दी थी। रोहित ने कहा, “बारिश से थोड़ा सहमा हुआ था, क्योंकि जेवलीन पर ग्रिप सही से नहीं बन रही थी। ग्रिप फिसल रही थी। दौड़ने में जूता भी ट्रैक पर फिसल रहा था।” इसके बावजूद उन्होंने कांस्य पदक पर कब्जा किया।

अगले लक्ष्य के बारे में रोहित ने कहा कि वे इस साल थोड़ा आराम करेंगे और अगले साल एशियन चैंपियनशिप और वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल हासिल करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया, “एशियन और वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल का रंग बदलना चाहूंगा। हर खिलाड़ी की तरह मेरा भी सपना देश के लिए ओलंपिक मेडल जीतना है।”

रोहित ने नीरज चोपड़ा के साथ ट्रेनिंग के अनुभव का भी जिक्र किया। वे बोले, “नीरज बहुत सीनियर खिलाड़ी हैं। उनके साथ खेलना ही गर्व की बात है। उनसे काफी कुछ सीखने को मिला।” एयरपोर्ट पर सैकड़ों समर्थकों ने ढोल‑नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया।

स्रोत: अमर उजाला

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Vikas Kumar

Vikas Kumar

कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।