मीरगंज। बृहस्पतिवार की शाम वाराणसी-जंघई रेलखंड पर आरपीएफ की विशेष चेकिंग के दौरान जंघई रेलवे स्टेशन पर किन्नरों ने दो घंटे तक हंगामा किया। यह प्रदर्शन अवैध वेंडरों और बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के विरोध में हुआ।
आरपीएफ वाराणसी के सहायक कमांडेंट अरविंद कुमार के निर्देश पर टीम विशेष चेकिंग कर रही थी। कामायनी एक्सप्रेस (11072) के बृहस्पतिवार की शाम करीब पांच बजे भदोही से आगे बढ़ने के बाद स्लीपर कोच में आधा दर्जन किन्नर सवार हुए थे। टीम ने उन्हें हिरासत में लेने का प्रयास किया, जिससे विवाद शुरू हो गया।
कदमों की उठी तेज प्रतिक्रिया
कदम बढ़ते हुए अपनी बचाव में एक किन्नर ने ट्रेन से कूदना चुन लिया। ट्रेन जंघई स्टेशन पहुँचने से पहले उसने यह कदम उठाया और उसके हाथ-पैर में चोटें आईं। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने घायल को नजदीकी अस्पताल भेजने की पहल की, उसके बाद बड़ी संख्या में किन्नर जंघई स्टेशन पहुँच गए।
जंघई स्टेशन पर करीब 30 किन्नरों ने आरपीएफ कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया और कार्रवाई के दौरान मारपीट का आरोप लगाया। स्थिति बिगड़ने पर आरपीएफ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाना शुरू किया।
आरपीएफ निरीक्षक आलोक तिवारी ने बताया कि वाराणसी से आई टीम ट्रेनों में अनाधिकृत रूप से यात्रा करने वालों और अवैध वेंडरों के खिलाफ चेकिंग कर रही थी। पकड़े गए लोगों में से आरोपित कुछ को हिरासत के बाद छोड़ दिया गया, जिससे मामला शांत हुआ।
स्थानीय यात्रियों और स्टेशन के कर्मचारियों ने बताया कि दो घंटे की खिंचाई के दौरान ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित रही और प्लेटफार्म पर हड़कंप बना रहा। अब आरपीएफ की टीम स्टेशन पर निगरानी बढ़ाए हुए है और यात्रियों को शांत रहने के लिए कहा गया है।
घायलों की हालत और आगे की कार्रवाई के बारे में अधिकारी जानकारी देने की बात कर रहे हैं। यात्रियों से अनुरोध है कि विवाद के दौरान स्टेशन पर अनावश्यक भीड़ न जुटाएं और आरपीएफ के निर्देशों का पालन करें।
स्रोत: अमर उजाला

