जौनपुर। शाहगंज के ताखा पूरब गांव में राजस्व अभिलेखों में कथित हेरफेर कर सरकारी जमीन अपने नाम दर्ज कराने के प्रयास के मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई शिकायत मिलने और अदालत के निर्देश के बाद की गयी।
पुलिस ने बताया कि आरोपितों के नाम राममिलन, रामकेवल, रामनवल, रामबचन और रामअचल हैं। शिकायत में कहा गया है कि इन लोगों ने आपस में साजिश कर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए और राजस्व अभिलेखों में गलत तरीके से नाम दर्ज कराने की कोशिश की।
शिकायत और जांच की प्रक्रिया
ताखा पूरब के निवासी कमलेश कुमार यादव ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया और आरोप लगाया कि सरकारी जमीन के अभिलेखों में हेरफेर कराने की कोशिश में राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत भी शामिल है। कमलेश ने कहा कि स्थानीय पुलिस प्रारंभिक रूप से कार्रवाई नहीं कर रही थी, इसलिए उन्होंने 14 मई 2025 को एसपी को रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थना पत्र भेजा।
न्यायालय की शरण लेने के बाद मामला फिर उठा और अदालत के आदेश पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर वैधानिक प्रक्रिया शुरू की। प्राथमिकी में धोखाधड़ी और जालसाजी जैसी धाराओं का उल्लेख है और जांच जारी है।
प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि जालसाजी समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस अब दस्तावेजों की सत्यता, राजस्व रिकॉर्ड और शामिल व्यक्तियों की भूमिकाओं की तहकीकात कर रही है।
स्थानीय लोग मामला गंभीरता से देख रहे हैं। गांव में कहा जा रहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो सरकारी जमीन के अनुचित वितरण और भ्रष्टाचार के मामलों पर असर पड़ेगा। नागरिकों ने अपील की है कि जांच जल्द पूरी कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
आगे क्या होगा
पुलिस ने कहा है कि आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और साक्ष्यों के आधार पर होगी। जिन लोगों पर प्राथमिकी दर्ज हुई है उन्हें ब्योरे के अनुसार तलब किया जा सकता है और यदि आवश्यक हुआ तो गिरफ्तारी भी की जा सकती है। शिकायतकर्ता और गांववाले अब जांच पर नजर बनाए हुए हैं।
स्रोत: अमर उजाला

