जौनपुर। धर्मापुर स्थित शीतला चौकियां धाम में शनिवार को पूर्णिमा के मौके पर मां शीतला का भव्य शृंगार किया गया। दोपहर साढ़े तीन बजे महंत विवेकानंद पंडा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां का शृंगार संपन्न कराया।
शृंगार व भोग
मां को पीली रंग की साड़ी पहनायी गई और लाल गुलाब, गुड़हल व दौना के सुगंधित फूलों से सजाया गया। शृंगार के बाद मां को बर्फी, मेवा, मिष्ठान्न और मौसमी फलों का भोग अर्पित किया गया। शृंगार आरती के बाद सभी श्रद्धालुओं को भोग प्रसाद वितरित किया गया।
सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। दोपहर तक लगभग आठ हजार श्रद्धालु अपने निजी साधनों से धाम पहुँचे और कतार में लगकर मां के दर्शन-पूजन किए। महिलाओं की संख्या विशेष रूप से अधिक रही। कई महिलाएँ अपनी मनोकामना पूरी होने पर पूरे परिवार के साथ मत्था टेकने आईं।
स्थानीय प्रभाव और परंपरा
भक्तों ने मंदिर परिसर में शांतिपूर्वक पूजा-अर्चना की और मां के दर्शन के बाद परिसर में स्थित बाबा काल भैरव का भी दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। शारदीय नवरात्र से पहले यह अंतिम पूर्णिमा शृंगार था, इसलिए इसका विशेष धार्मिक महत्व रहा।
धाम की व्यवस्थाओं में मंदिर व्यवस्थापक और स्थानीय लोग लगे रहे। बारिश के कारण व्यवस्थाओं में थोड़ी सतर्कता रखी गई पर दर्शन-विस्तार सामान्य रूप से जारी रहा। महंत विवेकानंद पंडा ने बताया कि लोगों की आस्था देखकर प्रसन्नता हुई और आयोजन सफल रहा।
धर्माचार्यों ने बताया कि नवरात्र के शुरू होने से पहले यह अंतिम पूर्णिमा होने के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक रही। आगामी त्योहारों के दौरान भी धाम में विशेष पूजा और भोग प्रसाद का प्रबंध किया जाएगा।
स्रोत: अमर उजाला

